कुरुक्षेत्र। अब आयुर्वेदिक और प्राकृतिक उपचार के साथ ही अनुलोम-विलोम और सूर्य नमस्कार के जरिये नशे की लत का उपचार किया जा सकेगा। इसके लिए श्रीकृष्ण आयुष विश्वविद्यालय में नशा मुक्ति केंद्र खोलने की योजना तैयार की गई है, जिसके लिए आवश्यक संसाधन भी जुटाए जा रहे हैं। संभावना जताई जा रही है कि जल्द ही प्रदेशवासियों को इसका लाभ मिल सकेगा।
प्रदेश के अलग-अलग जिलों में अवैध रूप से चल रहे नशा मुक्ति केंद्रों की स्थिति को ध्यान में रखते हुए श्रीकृष्ण आयुष विश्वविद्यालय ने प्रभावी कदम उठाया है। इसके तहत विवि की ओर से आयुर्वेद अध्ययन एवं अनुसंधान संस्थान ( पूर्व में श्री कृष्ण राजकीय आयुर्वेदिक अस्पताल) में नशा मुक्ति केंद्र खोले जाने की योजना तैयार की गई है, जिसे अगले माह में ही अमलीजामा पहनाए जाने के प्रयास किये जा रहे हैं। माना जा रहा है कि इस केंद्र में नशे के जाल में फंसे लोगों का बहुआयामी उपचार किया जाएगा। विशेषज्ञों के अनुसार, केंद्र में न केवल मरीज के नशे की लत छुड़ाई जाएगी बल्कि उसके पूरे शरीर का शुद्धीकरण भी किया जाएगा। ऐसे मरीजों को उस स्तर तक ले जाया जाएगा, जिसमें उन्हें फिर से नशा न करने और जीवन में बेहतर करने की चाह जग सके। साथ ही उसमें नए उत्साह का संचार हो सके। इसमें नशे की लत को भांपकर उसी अनुरूप मरीजों को उपचार दिया जाएगा। शुरुआती स्तर पर नशा करने का समय बढ़ाए जाने की कोशिश की जाएगी, जिसमें उसे हल्के एल्कोहल युक्त आयुर्वेदिक दवाओं के जरिए उपचार दिया जाएगा। धीरे-धीरे ये दवाएं कम कर उसे अनुलोम-विलोम, सूर्य नमस्कार सहित अन्य योग क्रियाएं कराई जाएंगी। साथ ही पंचक्रम थेरेपी के साथ प्राकृतिक चिकित्सा भी दी जाएगी। यहीं नहीं हर मरीज की समय-समय पर काउंसिलिंग भी की जाएगी।
अवैध नशा मुक्ति केंद्रों का फैल रहा जाल
विदित हो कि समाज में नशे के बढ़ते चलन को देख जहां स्वास्थ्य विभाग एवं अन्य संस्थाओं द्वारा नशा मुक्ति केंद्र खोले गए हैं, वहीं अवैध रूप से भी कई नशामुक्ति केंद्रों का संचालन किया जा रहा है, जहां मरीज के साथ ही परिजनों को भी परेशानी झेलनी पड़ती है। प्रदेश के कई जिलों में इस तरह के मामले सामने आ चुके हैं। पिपली में गत सप्ताह ऐसे केंद्र की पोल सीएम उड़नदस्ते ने खोली थी। वहीं अंबाला में भी अवैध रूप से चल रहे नशा मुक्ति केंद्र का मामला उजागर हुआ था।
समाज को खोखला कर रहा नशा : प्रो करतार सिंह
श्री कृष्ण आयुष विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. वैद्य करतार सिंह धीमान का कहना है कि आज नशे का प्रचलन इस कदर बढ़ चुका है कि इसमें जकड़े लोगों को न सिर्फ जान गंवाना पड़ रहा है, बल्कि परिवार भी तबाह हो रहे हैं। नशा समाज को धीरे-धीरे खोखला कर रहा है। वहीं नशा मुक्ति केंद्रों पर उपचार कराने वालों को आर्थिक तंगी से भी जूझना पड़ रहा है। इसे देखते हुए विवि की ओर से नशा मुक्ति केंद्र खोले जाने की योजना तैयार की गई है। यह पहला मौका होगा, जब आयुर्वेद एवं प्राकृतिक उपचार के जरिए नशे की लत छुड़ाई जाएगी। इसके लिए केंद्र खोले जाने की तैयारी शुरू कर दी गई है, जिसके लिए सभी आवश्यक संसाधन जुटाए जा रहे हैं। यह केंद्र विश्वविद्यालय के अधीन राजकीय आयुर्वेद अस्पताल में ही खोला जाएगा।