कुरुक्षेत्र। हमारा देश भले ही 1947 में आजाद हो गया लेकिन अब तक भी हम अंग्रेजों के बनाए कानूनों को झेलते रहे। ये कानून देशहित में नहीं बनाए गए थे और यही कारण था कि लोगों को न्याय मिलने में उम्र बीत जाती थी। लेकिन अब केंद्र सरकार ने तीन अपराधिक कानूनों में बदलाव किया है, जिसके चलते अब तारीख पर तारीख जुमला नहीं बन पाएगा बल्कि तय समय में पीड़ित को न्याय व दोषी को सजा मिलेगी। हरियाणा ने बदलाव के बाद ये कानून पूूरी तरह से लागू किए हैं जबकि अन्य प्रदेशों में शीध्र ही इन कानूनों के अनुसार लोगों को न्याय मिलने लगेगा। यह कहना है केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का।
वे आज यहां बदलाव के बाद हरियाणा में लागू किए गए तीन कानूनों पर आधारित प्रदर्शनी का केडीबी के मेला ग्राउंड में उद्घाटन करने उपरांत संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने प्रदेश को 825 करोड़ की 19 परियोजनाओं की भी सौगात दी। उन्होंने प्रदर्शनी को बारीकी से देखा तो कार्यक्रम में मौजूद न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं, शिक्षकों व विधि के विद्यार्थियों को यह प्रदर्शनी अवश्य देखने के लिए भी आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में एक जुलाई 2024 से भारतीय न्याय संहिता को लागू करके नए युग का उदय किया गया है। 21वीं सदी का यह सबसे बड़ा न्यायिक सुधार है, जिसके साकारात्मक परिणाम मिल रहे हैं। पहले 100 में से 40 अपराधियों को ही सजा मिल पाती थी लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। सरकार न्यायिक सुधार के लिए प्रावधान लेकर आ रही है। इनमें सिटीजन, डिगनिटी व कानून को शामिल किया है। इसका उदेश्य है कि देश के नागरिकों को इन कानूनों में दंड की जगह न्याय, गरीब से गरीब नागरिक को सामान, संपत्ति और शरीर की सुरक्षा मिले।
अब डंडे के आधार पर नहीं साक्ष्यों पर हो रहा काम
गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि अंग्रेजों के कानून अपनी सत्ता बनाकर रखने के लिए थे लेकिन अब ये देशहित में है और पुलिस डंडे की जगह साक्ष्यों को आधार बनाया जा रहा है। पीड़ित को न्याय जरूर मिलेगा। अपराधी भले ही विदेश में बैठे हो लेकिन उनकी अनुपस्थिति में भी ट्रायल चलेगा और सजा मिलेगी। नए कानूनों के तहत एक वर्ष में ही करीब 53 फीसदी मामलों में 60 दिन के अंदर चार्जशीट दाखिल हुई है जबकि हरियाणा में 80 फीसदी चार्जशीट व सात दिन में चालान हुए हैं। उन्होंने कहा कि थाने में जाने के बाद न्याय नहीं मिलेगा की छवि अब नहीं रहेगी। 2026 के बाद जो भी एफआईआर दर्ज होगी, उसमें तीन साल में न्याय जरूर मिलेगा। यहां तक कि हत्या के मामले में 112 दिन में सजा तय है। इन कानूनों के माध्यम से पुलिस, जेल, न्यायापालिका, अभियोजन और फोरेंसिक सभी पांचों को ऑनलाइन जोड़ दिया गया है। महिलाओं और बच्चों के लिए अलग से कानून बनाया गया है। सभी बिंदुओं की वीडियोग्राफी सुनिश्चित कर दी गई है। सात साल से ज्यादा के अपराधों में फोरेंसिक जांच को सुनिश्चित कर दिया है। उन्होंने कहा कि आतंकवाद, मॉबलिंचिंग, डिजीटल अपराध और समय सीमा का निर्धारण भी जोड़ा गया है। अब एक जगह पर पुलिस, न्याय और प्रोशिक्यूशन को इकट्ठा किया गया है।
365 सामानों पर जीएसटी दिया दीवाली का तोहफा
केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि 365 सामानों में जीएसटी की दरों को कम कर प्रधानमंत्री ने दीवाली पर बड़ा तोहफा दिया है। अब देश के हर घर, हर उपभोक्ता ने यह तय करना है कि रोजाना प्रयोग की चीजों के लिए स्वदेशी उत्पादों को ही खरीदें। इन प्रयोगों से हमारे देश की अर्थ व्यवस्था बढ़ेगी। प्रधानमंत्री ने देश की अर्थव्यवस्था को 11वें स्थान से चौथे स्थान पर पहुंचाने का काम किया है और वर्ष 2047 तक भारत की अर्थव्यवस्था को विश्व में पहले नंबर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य रखा है, जिसकी स्वदेशी अभियान से राह आसान होगी।
कुरुक्षेत्र की भूमि से धर्म और सत्य की जीत का मिला संदेश
अमित शाह ने कहा कि कुरुक्षेत्र की धरा ने सिद्घ किया कि विजय हमेशा धर्म की होती है, सत्य की होती है, अधर्म और असत्य की नहीं। उन्होंने कहा कि हरियाणा की मातृशक्ति ने देश की सुरक्षा के लिए सेना और सीएपीएफ में सबसे ज्यादा अपने लाल भेज रही है। यहां सरस्वती के तट पर वेद उपनिषेदों की रचना हुई। यह वहीं हरियाणा की भूमि है।