कुरुक्षेत्र। राजकीय स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को अब पैदल नहीं चलना पड़ेगा, इसके लिए शिक्षा विभाग की ओर से अहम कदम उठाया गया है। जिले के विद्यार्थियों को नए सत्र से विद्यार्थी परिवहन सुरक्षा योजना का लाभ मिलेगा। इस योजना को प्रदेश सरकार की ओर से जनवरी में लागू किया गया था।
इस योजना का लाभ पहली से 12वीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को मिलेगा, जो कि परिवहन की बसों में सफर कर सकेंगे। योजना के तहत तीन किलोमीटर या उससे ज्यादा दूरी वाले विद्यार्थियों को शामिल किया जाएगा। इसको लेकर शिक्षा निदेशालय ने सभी जिलों के शिक्षा अधिकारियों को आदेश जारी कर जल्द ही विद्यार्थी निशुल्क परिवहन सुरक्षा योजना को लागू करने के निर्देश भी दिए हैं। हालांकि शिक्षा विभाग की ओर से राजकीय स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या को बढ़ाने के लिए पहले से काम भी किया जा रहा था।
एमआईएस पोर्टल पर होगा विद्यार्थियों का ब्योरा
विद्यार्थी परिवहन सुरक्षा योजना का लाभ लेने वाले विद्यार्थियों का ब्योरा एमआईएस पोर्टल पर अपलोड किया जाएगा, जिसमें उसके घर से लेकर स्कूल तक की दूरी भी दर्ज होगी। साथ ही इसके लिए रूट मैप भी विद्यार्थियों की संख्या को देखकर तैयार किया जाएगा। जिस रूट पर विद्यार्थियों की संख्या कम होगी वहां मिनी बस रूट पर उतारी जाएंगी।
कई संस्थानों के विद्यार्थियों को पहले भी मिल रही परिवहन सेवाएं
कुरुक्षेत्र रोडवेज डिपो की ओर से पहले भी विद्यार्थियों को परिवहन सेवाएं दी गई है। जिले के कई शिक्षण संस्थानों तक विद्यार्थियों को पहुंचाने में परिवहन अहम भूमिका निभा रहा है। इन संस्थानों में आईआईटी उमरी, केंद्रीय विद्यालय मथाना, डाइट पलवल, राजकीय महिला महाविद्यालय पलवल जैसे संस्थानों के नाम शामिल है।
अभी नहीं मिला कोई भी आवेदन : शेर सिंह
रोडवेज महाप्रबंधक शेर सिंह का कहना है कि अभी विद्यार्थी परिवहन सुरक्षा योजना के लिए कोई भी आवेदन नहीं मिला है, साथ ही रोडवेज निदेशालय की ओर से आने वाले आदेश का भी इंतजार किया जा रहा है, जबकि ड्यूटी निरीक्षक सतीश शर्मा का कहना है कि शिक्षण संस्थानों के लिए पहले से नौ बसें लगाई गईं है, जिसका फायदा विद्यार्थियों को मिल रहा है। इन बसों में सात बसें छात्राओं और दो बसें छात्रों के लिए लगाई गई हैं।