कुरुक्षेत्र। लोकसभा चुनावों से पहले प्रदेश सरकार ने जिले की 11 और कॉलोनियों को नियमित किए जाने पर मुहर लगा दी है। इससे इन कॉलोनियों में रहने वाले हजारों लोगों को फायदा होगा। उम्मीद की जा रही है कि अब इन कॉलोनियों में विकास कार्य रफ्तार पकड़ेंगे और रजिस्ट्री भी हो सकेगी, जिससे क्षेत्रवासियों में खुशी की लहर है।
प्रदेश सरकार की ओर से पिछले करीब आठ माह में 65 कॉलोनियों को वैध किया जा चुका है। वैध की गई अधिकतर कॉलोनियां नगर योजनाकार विभाग के अधीन रही हैं। अब स्थानीय निकाय विभाग के अधीन की 11 कॉलोनियों को वैध किए जाने को लेकर अधिसूचना जारी कर दी गई है। इनमें सबसे ज्यादा लाडवा की छह, पिहोवा की तीन व इस्माईलाबाद नगर पालिका के अधीन दो कॉलोनियां शामिल हैं।
कॉलोनियां वैध होने से जहां लोग अब यहां की संपत्तियों का लेन-देन कर सकेंगे तो वहीं रजिस्ट्री भी करवा सकेंगे। यहीं नहीं अब यहां प्रॉपर्टी के भाव भी दो गुना से अधिक होने की संभावना जताई जा रही है। अब संबंधित नगर पालिका प्रशासन की ओर से इन कॉलोनियों में आधारभूत सुविधाओं को लेकर खाका तैयार किया जाएगा, जिसके बाद यहां लोगों को आवश्यक सुविधाएं मिलनी शुरू होंगी।
लाडवा की ये कॉलोनी हुईं वैध : शर्मा कॉलोनी, एकता कॉलोनी, न्यू कृष्णा कॉलोनी, न्यू प्रेम विकार एक्सटेंशन, सत्यम एनक्लेव के नजदीक स्थित कॉलोनी, इंद्रा कॉलोनी व सरस्वती ड्रेन के नजदीक स्थित कॉलोनी।
पिहोवा की कॉलोनीपूजा कॉलोनी एक्सटेंशन, पृथु डाक कॉलोनी एक्सटेंशन-1, किला फार्म कॉलोनी एक्सटेंशन।
इस्माईलाबाद की कॉलोनी राॅयल कॉलोनी व तहसील कार्यालय के पीछे स्थित कॉलोनी।
थानेसर नप की प्रक्रिया ही नहीं हो पा रही पूरी
थानेसर नगर परिषद फिलहाल अवैध कौलोनियों को वैध किए जाने को लेकर प्रक्रिया में ही लगी है। हालांकि नप ने ऐसी 50 कॉलोनियों का खाका तैयार किया है, जिसे वैध किया जाना है। ऐसे में क्षेत्रवासी टकटकी लगाए हुए हैं कि ये कब वैध होंगी। विदित हो कि पिछले दिनों नप द्वारा फाइनल की गई 17 कॉलोनियों का सर्वे ही पटवारियों की हड़ताल के चलते अटक गया था। वहीं सर्वे के बाद नप की ओर से डीटीपी को भेजी गई 27 कॉलोनियों की सूची में भी अधिकतर पर सवाल उठाए गए थे। उधर, नगर परिषद के ईओ देवेंद्र नरवाल का कहना है कि कॉलोनियों को वैध करने के लिए सभी आवश्यक प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
24 और कॉलोनियों के वैध होने का है इंतजार
नप सीमा से बाहर एवं डीटीपी के अधीन आने वाली 54 कॉलोनियों को पिछले करीब आठ माह के दौरान नियमित किया जा चुका है। इनमें 14 कॉलोनियों को नियमित किए जाने को लेकर 22 अगस्त को अधिसूचना जारी की गई थी, जबकि 22 सितंबर को 11 कॉलोनियों की अधिसूचना जारी हुई थी। इसके बाद 21 नवंबर को 29 कॉलोनियों को लेकर अधिसूचना जारी की गई थी। डीटीपी अशोक गर्ग के मुताबिक उनकी ओर से 24 और कॉलोनियों को वैध किए जाने को लेकर प्रदेश सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है।