कुरुक्षेत्र। एमआरआई के लिए सेटअप लगाते कर्मचारी। संवाद
कुरुक्षेत्र। मरीजों को अब एमआरआई के लिए पंचकूला तक की दूरी नहीं नापनी पड़ेगी। उन्हें जिला अस्पताल में ही यह सुविधा मिल सकेगी। निजी अस्पतालों के मुकाबले आधे दामों पर ही एमआरआई होगी। निजी संस्था के योगदान से पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) के तहत अब मरीजों की एमआरआई होगी। अस्पताल के सीटी स्कैन केंद्र में एमआरआई का सेटअप लगाया गया है। इस माह के अंत तक अस्पताल में एमआरआई होनी शुरू हो जाएगी। जिला अस्पताल में फिलहाल मरीजों को एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड व सीटी स्कैन की विभिन्न जांचों की सुविधा मिल रही है।
क्या होती है एमआरआई
एमआरआई एक आधुनिक चिकित्सा तकनीक है, जो शरीर के विभिन्न अंगों का सही से परीक्षण करती है। इसके माध्यम से मस्तिष्क, रीढ़ की हड्डी, जोड़ों, पेट, स्तन, रक्त वाहिकाएं और हृदय के अत्यधिक स्पष्ट चित्र प्राप्त होते हैं।
एलएनजेपी अस्पताल की ओपीडी में रोजाना 1700 से 1800 मरीज ओपीडी में इलाज कराने पहुंचते हैं। इन मरीजों में से कई को चिकित्सक एमआरआई कराने की सलाह देते हैं लेकिन अस्पताल में सुविधा न होने के कारण मरीजों को निजी अस्पतालों में जाकर एमआरआई करानी पड़ती है। जिला अस्पताल से सप्ताह में दो दिन पंचकूला पीजीआई में मरीजों की एमआरआई भी कराई जा रही है लेकिन पीजीआई में मरीजों को लंबी तारीख मिलती है। इस वजह से मरीज निजी अस्पताल में ही इलाज कराना उचित समझते हैं।
कुरुक्षेत्र। एमआरआई के लिए सेटअप लगाते कर्मचारी। संवाद