कुरुक्षेत्र। करीब 5160 साल से भी पहले भगवान श्रीकृष्ण द्वारा कुरुक्षेत्र की धरा पर दिया गया गीता का संदेश आज भी पूरी मानवता के लिए प्रासंगिक माना जाता है। भारत ही नहीं विदेशों में भी गीता संदेश का मर्म जाना जाने लगा है। जहां गीता महोत्सव के चलते अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गीता संदेश को बड़ी अहमियत दी जाने लगी है और हर देश यह महोत्सव मनाने को आतुर है वहीं अब अफ्रीका में भी हर नागरिक के जहन में गीता का संदेश उतरेगा। न केवल वहां रेडियो पर गीता संदेश गूंजेगा बल्कि श्रीमदभगवत गीता व महाभारत जैसे पवित्र एवं अहम ग्रंथ इथोपियन भाषा में भी पढ़े जा सकेंगे।
अंतरराष्ट्रीय संस्था इस्कॉन के अफ्रीकन संत डेनियल ह्यूम ने विशेष तौर पर यह बीड़ा उठाया है, जो हाल ही में धर्मनगरी भी पहुंचे और उन्होंने गीता स्थली ज्योतिसर से लेकर धर्मनगरी के अन्य तीर्थ स्थलों का भी भ्रमण किया। उन्होंने यहां कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के मानद सचिव से लेकर अन्य अधिकारियों से भी श्रीमदभगवत गीता के संदेशों को लेकर गहन चर्चा की। अफ्रीकन संत डेनियल ह्यूम भक्तिवेदांत बुक ट्रस्ट के सदस्य है, जो विश्व में वैदिक शास्त्रों का सबसे बड़ा प्रकाशक माना जाता है। संत डेनियल ह्यूम सनातन शास्त्रों को अफ्रीकन लोगों के लिए सुलभ बनाने को लेकर श्रीमद्भगवत गीता और महाभारत का इथियोपियन भाषा में अनुवाद कर रहे हैं। यह कार्य पूरा हो जाने के बाद अफ्रीका महाद्वीप के एक अरब से अधिक लोगों को गीता के महत्वपूर्ण संदेश को अपनी खुद की भाषा में पढ़ने और अपने जीवन में उतारने का अवसर मिलेगा। साथ ही महाभारत का संदेश अफ्रीका के रेडियो पर उन्हीं की भाषा में चलाया जाएगा। संत डेनियल ह्यूम के मुताबिक इसके लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं।
बता दें कि पिछले वर्ष ही अफ्रीकन यूनियन को जी-20 में स्थायी सदस्य के रूप में शामिल करने के एलान के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अफ्रीकी यूनियन के अध्यक्ष अजाली असौमनी को गले लगाकर बधाई दी थी। अफ्रीकन यूनियन को जी-20 में स्थायी सदस्य के रूप में शामिल किया गया था। वसुधैव कुटुंबकम तर्ज पर अफ्रीकन संत डेनियल ह्यूम इसे मानवता के लिए बड़ा और बेहद अहम कदम मानते हैं। इसी दृष्टि से वे धर्मनगरी पहुंचे तो यहां के लोगों को करीब से जाना।
कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड के अध्यक्ष उपेंद्र सिंघल ने भी उन्हें गीता स्थली ज्योतिसर व धर्मनगरी के अन्य तीर्थों के बारे में बारीकी से अवगत कराया तो वहीं उन्होंने इस्कॉन के गुरु शिष्य पर निर्माणाधीन श्रीकृष्ण अर्जुन मंदिर में भी विस्तार से चर्चा की। अफ्रीकन संत डेनियल ह्यूम ने इस दौरान श्रीमदभगद्गीता पूरी मानवता को सही रास्ता दिखाने वाला ग्रंथ बताया और कहा कि वर्तमान हालात में गीता का संदेश हर मानव के जेहन में उतारे जाने की जरूरत है।
87 भाषाओं में किया जा चुका गीता का अनुवाद
इस्कॉन कुरुक्षेत्र के प्रभारी प्रभु साक्षी गोपालदास के मुताबिक इस्कॉन की ओर से अभी तक श्रीमद्भगवत गीता का 87 भाषाओं में अनुवाद किया जा चुका है, जिसका विभिन्न देशों के लोग बड़े स्तर पर फायदा उठा रहे हैं। इस्कॉन का प्रयास है कि हर व्यक्ति तक गीता संदेश पहुंचे। अब संत डेनियल ह्यूम ने भी बेहद अहम कदम उठाया है।