लाडवा। अनाजमंडी में शुक्रवार को अधिक धान की फसल आने के कारण न केवल अनाज मंडी भर गई बल्कि मंडी के चारों गेटों के बाहर किसानों के वाहनों की लंबी कतारें लगी हैं। अब व्यापारियों द्वारा किसानों की धान की फसल को सड़कों पर ही डलवाना शुरू कर दिया है। जिसके कारण जाम की स्थिति बनी रही।
ऐसे हालात में अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन के प्रधान बिमलेश गर्ग, न्यू ग्रेन मर्चेंट एसोसिएशन के प्रधान अवतार सिंह सेखों और विस्तार मंडी के प्रधान श्याम सिंह सुंदर ने संयुक्त बैठक कर फैसला किया कि शनिवार व रविवार को अनाज मंडी में किसी भी किसान की कोई धान की फसल नहीं उतारी जाएगी। जब तक अनाज मंडी से धान की फसल का उठान नहीं होता तब तक किसानों को अनाज मंडी में कोई भी धान की फसल डालने नहीं दी जाएगी। उन्होंने किसानों से अपील करते हुए कहा कि सहयोग करें ताकि उनकी धान की फसल सके। वहीं अनाज मंडी के व्यापारी राकेश मलिक, पवन बंसल, अमन गुप्ता आदि ने कहा कि इस समय अनाज मंडी में धान की स्थिति बहुत खराब चल रही है। क्योंकि उठान धीमी गति से चल रहा है। जिसके कारण किसानों व्यापारियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं दूसरी ओर लाडवा के आंबेडकर चौक पर शुक्रवार को पूरे दिन जाम की स्थिति बनी रही। जिसके कारण लोगों इधर उधर जाने वाले वाहन चालकों को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। इसके साथ साथ लोगों को घंटों लाइनों में लगकर निकलने का इंतजार करना पड़ा।
बारिश आई तो जिम्मेदार कौन होगा: किसान
अनाज मंडी में आए किसान जरनैल सिंह, करनैल सिंह, सुबे सिंह, अनिल कुमार, राजीव कुमार, प्रदीप आदि ने कहा कि मौसम के तेवर बिगड़ने जा रहे है। अनाजमंडी में धान की फसल आने के कारण अब उन्हें अपनी धान की फसल की चिंता सताने लगी है। यदि बरसात आई तो इसके जिम्मेदार कौन होगा। क्योंकि अब वाहनों में धान की फसल को अनाज मंडी में लाया गया है। इतना ही नहीं लाखों कट्टे खुले आसमान के नीचे व खुले धान की फसल अनाजमंडी में किसानों की मेहनत कर ली गई है। जो कि अब एक चिंता का विषय बन गया है।