कुरुक्षेत्र। राजकीय सीनियर सेकंडरी स्कूल बणी का बाहरी दृश्य। संवाद
कुरुक्षेत्र। अब नए शैक्षणिक सत्र में सरकारी स्कूलों में बच्चों को दाखिला देने से इनकार नहीं किया जाएगा, भले ही छात्र-छात्राओं की संख्या अधिक होने पर स्कूल दोहरी पारी में लगाना पड़े। इसको लेकर शिक्षा विभाग द्वारा अधिकारियों और स्कूल मुखियाओं को एक शिक्षक व एक कक्षा कक्ष नियम के तहत ही व्यवस्था रखने के आदेश दिए गए हैं। इसके तहत स्कूलों में प्रत्येक कक्ष में एक शिक्षक होना अनिवार्य है। राजकीय विद्यालयों में जहां नामांकन के लिए आए आवेदन उपलब्ध सीटों की संख्या से अधिक है तो उन विद्यालयों को दोहरी पारी में कक्षाएं संचालित करने की व्यवस्था की जाएगी, ताकि कोई भी विद्यार्थी मनपसंद स्कूल में दाखिला लेने से वंचित न रह सके।
वहीं जिलेभर के केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा परिषद से संबंधित सभी मॉडल संस्कृत स्कूलों को दोहरी पारी में शुरू कर दिया गया है। अन्य राजकीय विद्यालयों को भी विद्यार्थियों की संख्या और स्कूल में मौजूदा सुविधाओं के मुताबिक ही स्कूल प्रबंधन समिति द्वारा निर्णय लिया जाएगा कि स्कूल दोहरी पारी में चलाया जाएगा या नहीं।
दाखिलों की प्रक्रिया पूरी होते ही लिया जाएगा दोहरी पारी का फैसला : रोहतास
जिला शिक्षा अधिकारी रोहतास वर्मा का कहना है कि राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूल नए शैक्षणिक सत्र के साथ एक अप्रैल से ही दोहरी पारी में शुरू कर दिए गए हैं। फिलहाल इसके तहत कक्षा छठी से आठवीं तक एक पारी तो वहीं कक्षा नौंवी से 12वीं तक दूसरी पारी में स्कूल लगाया जाएगा। वहीं अन्य राजकीय विद्यालयों में दाखिलों की प्रक्रिया के चलते विद्यार्थियों की संख्या तय नहीं हुई है। दाखिलों की प्रक्रिया पूरी होते ही विद्यार्थियों की संख्या अधिक होने पर और स्कूल की सुविधाओं के मुताबिक स्कूल प्रबंधन समिति के निर्णय पर दोहरी पारी में संचालित किए जाएंगे।