फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kurukshetra News: लिंक ही नहीं फोटो पर क्लिक करने से भी हो सकते हैं साइबर ठगी का शिकार

विज्ञापन
विज्ञापन
कुरुक्षेत्र। मौजूदा समय में लोगों ने शाॅपिंग व पेमेंट करने के लिए ऑनलाइन ट्रांजक्शन को तेजी से अपनाया है। जैसे-जैसे लोग नई तकनीक की तरफ बढ़ रहे हैं। उतनी ही तेजी से साइबर जालसाज लोगों को साइबर ठगी का शिकार बना रहे है।
विज्ञापन

साइबर क्राइम से संबंधित आम लोगों को जागरूक करने के लिए जिला पुलिस ने एडवाइजरी जारी की है। पुलिस कप्तान वरुण सिंगला ने कहा कि साइबर ठगी से बचने का सबसे उत्तम उपाय साइबर अपराध के तरीकों की सटीक जानकारी होना है। किसी प्रकार की ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचने के लिए आमजन का साइबर अपराध के प्रति सावधान रहना अति आवश्यक है।
पुलिस अधीक्षक ने जनहित में आमजन को साइबर ठगी से बचने का आह्वान करते हुए साइबर ठगों के ठगी करने के तरीकों के बारे में जागरूक करते हुए कहा कि डिजिटल युग में टेक्नोलॉजी हमारी जिंदगी को आसान बना रही है लेकिन साइबर अपराधी इसी टेक्नोलॉजी का फायदा उठाकर अलग-अलग तरीकों से लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। अब सिर्फ फर्जी कॉल या ईमेल ही नहीं बल्कि एक साधारण फोटो भी आपके मोबाइल और बैंक अकाउंट को हैक कर आपके बैंक अकाउंट को खाली कर सकती है।
विज्ञापन

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि साइबर ठगों ने भी अब एडवांस टेक्नोलोजी का फायदा उठाते हुए ठगी का नया पैंतरा ईजाद किया है। उन्होंने कहा कि साइबर ठग अब लिंक नहीं फोटो भेजकर व्हाट्सएप कॉल करते हैं और उनके द्वारा व्हाट्सएप पर भेजी गई फोटो को पहचान के लिए कहते हैं। जैसे ही कोई उस फोटो या लिंक पर क्लिक करता है उसके फोन में एक वायरस या हैकिंग एप इंस्टॉल हो जाता है क्योंकि फोटो में खतरनाक मैलिशियस लिंक छिपा होता है, जिसे टेक्नोलॉजी की भाषा में इसे ट्रोजन हॉर्स अटैक या रिमोट एक्सेस ट्रोजन स्कैम भी कहा जा सकता है। इसमें ठग यूजर के फोन का कंट्रोल अपने हाथ में ले लेते हैं, और आपकी सारी इनफॉर्मेशन जैसे गूगल, पेटीएम, फोन-पे ऑनलाइन नेट बैंकिंग से संबंधित पासवर्ड व डॉक्यूमेंट उनके पास पहुंच जाते हैं और आसानी से आपको साइबर ठगी का शिकार बना लेते हैं।
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि व्हाट्सएप इमेज स्कैम से बचने के लिए सावधानी व सतर्कता ही आपका मुख्य हथियार है। अगर किसी अनजान व्यक्ति से कोई तस्वीर, डॉक्यूमेंट या लिंक मिलता है तो उसे बिना जांचे-परखे न खोलें। एसपी ने कहा कि अगर कोई इमेज वायरस से संक्रमित है तो उसे बस डाउनलोड या खोलने भर से आपका फोन खतरे में आ सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें