कुरुक्षेत्र। स्वास्थ्य विभाग में शुरू होने से पहले ही ई-उपचार योजना दम तोड़ गई। साल 2015 में शुरू हुई योजना आज तक सिरे नहीं चढ़ पाई। जिले के सभी सरकारी अस्पतालों को जिला नागरिक अस्पताल के साथ जोड़ने की योजना थी लेकिन लंबे समय तक भी योजना शुरू नहीं हो पाई। ई-उपचार के लिए जिस कंपनी का स्वास्थ्य विभाग के साथ अनुबंध हुआ था वह भी खत्म हो गया है।
अधिकारियों की मानें तो सरकार इसे लेकर खुद ही जद्दोजहद करने में जुटी है। खुद ही ऑनलाइन प्रणाली बना रही है। फिलहाल सरकार उक्त कंपनी से तीन माह के लिए टेंडर बढ़ाने की प्रक्रिया में लगी है। पहले फेज में शाहाबाद सब डिस्ट्रिक्ट अस्पताल, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कृष्णा नगर गामड़ी, पॉलीक्लीनिक को जिला अस्पताल से जोड़ना था लेकिन जिला अस्पताल में ही ओपीडी के साथ लैब, एक्स-रे व कई अन्य विभाग जुड़े हैं। बाकी किसी भी स्वास्थ्य केंद्र में ई-उपचार योजना के तहत मरीजों को इलाज नहीं मिल रहा। अस्पताल में ई-उपचार के दौरान प्रयोगशाला को ऑनलाइन किए जाने के बाद रिपोर्ट चिकित्सक के कंप्यूटर पर खुल रही है। एक्सरे के ऑनलाइन होने के बाद हर माह विभाग के फिल्म पर खर्च होने वाले लाखों रुपये बच रहे हैं।
क्या है ई-उपचार योजना
ई-उपचार योजना के तहत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र व जिला अस्पताल में इलाज के लिए पहुंचने वाले मरीजों के डाटा को सभी चिकित्सकों के कंप्यूटर पर ऑनलाइन करना था। इसमें मरीज की यूनिक आईडी बनती है, किसी भी अस्पताल में जाकर मरीज अपनी यूनिक आईडी दिखाकर इलाज ले सकता है। मरीज की रिपोर्ट गायब होने के बाद भी चिकित्सक मरीज का ट्रीटमेंट चार्ट देखकर उसका इलाज कर सकता है।
ऑनलाइन हुई प्रयोगशाला, मिल रही सहूलियत : डॉ. तंवर
जिला नागरिक अस्पताल के लैब प्रभारी डॉ. विनोद तंवर ने बताया कि प्रयोगशाला को ई- उपचार के तहत ऑनलाइन किया है। मरीजों की खून संबंधी रिपोर्ट चिकित्सकों के कंप्यूटर पर खुल रही हैं। लैब के ऑनलाइन होने से मरीजों को काफी सहूलियत मिली है।
सरकार बना रही योजना, जुड़ेंगे अस्पताल : डॉ. सुखबीर सिंह
सिविल सर्जन डॉ. सुखबीर सिंह का कहना है कि सरकार जल्द ही सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को जिला अस्पताल के साथ जोड़ेगी। अभी सरकार का कंपनी के साथ तीन माह के लिए समझौता हुआ है। जिला अस्पताल में विभागों को आपस में जोड़ा गया है।