कुरुक्षेत्र। केंद्र सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग और राष्ट्रीय नवप्रवर्तन प्रतिष्ठान-भारत की ओर से देशभर के स्कूली विद्यार्थियों के लिए इंस्पायर अवार्ड-मानक योजना 2025-26 की नामांकन प्रक्रिया अंतिम दौर में है। इस योजना के अंतर्गत कक्षा 6 से 12 तक के विद्यार्थी अपने मौलिक, नवीन और विज्ञान-आधारित विचार प्रस्तुत कर सकते हैं।
नामांकन को गति देने के दृष्टिगत जिला शिक्षा अधिकारी विनोद कौशिक की अध्यक्षता में एक आवश्यक बैठक का आयोजन किया गया जिसमें उन विद्यालयों के मुखियाओं को आमंत्रित किया गया। जिन्होंने अभी तक भी इंस्पायर मानक पोर्टल पर नामांकन अपलोड नहीं किए। विनोद कौशिक ने सभी विद्यालय मुखियाओं को संबोधित करते हुए कहा कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में रचनात्मकता, नवोन्मेषी सोच और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को प्रोत्साहित करना है ताकि वे भविष्य में समाज और देश की तकनीकी प्रगति में योगदान दे सकें।
जिला विज्ञान विशेषज्ञ डॉ. तरसेम कौशिक ने बताया कि इस योजना का लाभ सरकारी और निजी स्कूलों के कक्षा छह से 12 तक के विद्यार्थी उठा सकते हैं। प्रत्येक स्कूल अधिकतम पांच आइडिया भेज सकता है जिनमें कक्षा 11 और 12 (विज्ञान संकाय) के अधिकतम दो आइडिया शामिल हो सकते हैं। विचार मौलिक, व्यावहारिक, समाजोपयोगी और पर्यावरण के अनुकूल होने चाहिए। उन्होंने सभी उपस्थित विद्यालय मुखियाओं को योजना के बारे में अवगत करवाया। डॉ. कौशिक ने बताया कि चयनित विद्यार्थियों को सरकार की ओर से 10,000 की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी जिससे वे अपना मॉडल या वैज्ञानिक प्रोजेक्ट तैयार कर सकें। विद्यार्थी अपने मॉडल/प्रोजेक्ट को जिला एवं राज्य स्तरीय प्रदर्शनी में प्रस्तुत करेंगे। अंततः राष्ट्रीय स्तर पर 60 विद्यार्थी चयनित होंगे जिन्हें राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति की ओर से सम्मानित किया जाएगा और उन्हें जापान यात्रा का अवसर भी मिलेगा।