जिले में ओवरलोड वाहन मौत के दूत बनकर सरपट दौड़ रहे हैं। न इनके वजन का कोई मापदंड है और न ही गति की कोई सीमा। ऐसे वाहनों पर प्रशासन की नजरे भी इनायत हैं। तभी यह वाहन नेशनल हाईवे के साथ शहर के बीच में बेखौफ होकर चल रहे हैं। इससे सड़क दुर्घटनाओं का ग्राफ भी बढ़ रहा है। वहीं शहर की सड़कें भी टूट रही है, मगर ओवरलोड वाहन बेरोकटोक दौड़ रहे हैं।
शहर की बात की जाए तो थर्ड गेट, देवीलाल चौक, विश्वकर्मा चौक, मोहन नगर चौक और गीता द्वार पिपली तक पांच पुलिस पोस्ट पड़ती है। बावजूद ओवरलोड वाहन बड़ी आसानी से शहर को पार कर रहे हैं। हालांकि जिला प्रशासन ने रात आठ बजे से सुबह आठ बजे तक भारी वाहनों के शहर से निकलने का समय निर्धारित कर रखा है, मगर इसमें ओवरलोड वाहन भी शहर से गुजर कर रहे हैं।
इसके अलावा पुलिस से बचने के लिए केडीबी रोड से भी होकर गुजरते हैं, मगर इस रोड पर भी कई जगह पुलिस का पहरा और पोस्ट होती है। हर माह रोड सेफ्टी बैठक में ओवरलोडिड वाहनों पर कार्रवाई की समीक्षा भी होती है। वहीं जिला पुलिस की ओर से हर माह नाइट डोमिनेशन अभियान भी चलाया जाता है। बावजूद इस सब कार्रवाई का उन पर कोई प्रभाव दिखाई नहीं पड़ता है।
शाम ढलते ही ओवरलोड वाहन अपने गंतव्य की ओर बढ़ना शुरू हो जाते हैं। ओवरलोड के कारण इन वाहनों के टायर भी नजर नहीं आते हैं। ओवरलोड से उनकी ऊंचाई भी दोगुनी से अधिक होती हैं, जो शहर में बिजली की तारों को छू निकलते है। कई बार इसके चपेट में आने से बिजली की तारें टूट भी जाती है।
आरटीए की कार्रवाई के बावजूद वाहन चालक ओवरलोड वाहन लेकर चल रहे हैं। पिछले महीने आरटीए ने 202 ओवरलोड वाहनों के चालान किए थे। इन वाहन चालकों पर एक करोड़ सात लाख 70 हजार 100 रुपये का जुर्माना भी वसूला गया था, मगर फिर भी वे बाज नहीं आ रहे हैं।
सड़कों को तोड़ने के साथ-साथ ओवरलोड वाहन लोगों की जान के दुश्मन भी बने हुए हैं। पांच दिन पहले ही लाडवा में एक रेत से भरे डंपर ने साइकिल सवार को कुचल दिया था, जिससे उसकी मौत हो गई थी। वहीं पिछले महीने पिपली चिड़ियाघर के पास स्क्रैप से भरा ओवरलोड ट्रक हाईवे पर पलट गया था, जिससे पानीपत तक लंबा जाम लग गया था।
अधिकतर ओवरलोडिड वाहनों पर रिफ्लेक्टर नहीं लगा होता है। इससे रात के समय यह नजर नहीं आते हैं। कई वाहनों तो बगैर नंबर के ही चल रहे हैं। वहीं रात को लाइट्स बंद करके चलते हैं। जब सामने से वाहन आता तो अचानक डिपर देते हैं। इससे अचानक आंखों में लाइट पड़ने से चालक विचलित हो जाता है और दुर्घटना होती है।
आरटीए उर्मिल श्योकंद ने बताया कि उनकी टीम ओवरलोडिड वाहनों पर नजर रखती है। उनकी ओर इन वाहनों पर कार्रवाई भी की जा रही है। अब रात के समय भी ओवरलोडिड वाहनों पर उनकी टीम निगरानी रखेगी। पकड़े जाने पर चालान और जुर्माना लगाया जाएगा।