संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। रोडवेज प्रशासन ने आनन-फानन में 10 नई इलेक्ट्रिक बसें ले ली लेकिन ये एक सप्ताह बाद भी यात्रियों के लिए सुविधा नहीं बन सकी। इन्हें बेड़े में शामिल करने से पहले प्रशासन ने पूरी तैयारी ही नहीं की। न पर्याप्त कर्मचारी और न ही बसों के लिए चार्जिंग स्टेशन। ऐसे में ये बसें आज भी रूटों पर नहीं उतर पाई है।
हालांकि अधिकारियों का दावा है कि 32 नए परिचालकों ने जॉइन कर लिया है लेकिन अभी उन्हें भी पारंगत किया जा रहा है तो दस्तावेजों की प्रक्रिया भी भी उलझे हैं। वहीं चार्जिंग के लिए फिलहाल फर्श ही तैयार हो पाया है जबकि यहां मशीन कब लगेगी यह किसी को पता नहीं है। महज दावा किया जा रहा है कि जल्द लगेगी और बसें चार्जिंग होने लगेंगी। करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद भी यात्रियों को पर्याप्त सुविधा नहीं मिल पाई है। ऐसे में चर्चा की जाने लगी है कि बसें बेड़े में शामिल करने से पहले अन्य तैयारियां भी की जानी चाहिए थी, ताकि समय से यात्रियों को सुविधा दी जा सकती।
बता दें कि डिपो के पास पहले से ही दस इलेक्ट्रिक बसें हैं, जिनके लिए दो चार्जिंग प्वाइंट है। अब पिछले सप्ताह ही 10 नई बसें और बेड़े में शामिल हुई है लेकिन ये सभी 20 बसें इन दो प्वाइंट पर ही फिलहाल निर्भर है।
यात्रियों के लिए जल्द शुरू हो जाएंगी बसें : महाप्रबंधक
डिपो महाप्रबंधक समिंद्र सिंह का कहना है कि नई इलेक्ट्रिक बसों को भी रूटों पर उतारने के लिए तैयारी अंतिम चरण में हैं। यात्रियों को जल्द इनका फायदा मिलने लगेगा।