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Kurukshetra News: एनआईटी के गैर-शिक्षक कर्मचारियों के प्रमोशन की जगी उम्मीद, भर्ती नियमों की समीक्षा के लिए बनी कमेटी

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कुरुक्षेत्र। एनआईटी कुरुक्षेत्र में लंबे समय से अपनी पदोन्नति और भत्तों के लिए आवाज उठा रहे गैर-शिक्षक कर्मचारियों को एक उम्मीद जगी है। इन कर्मचारियों की 2022 से लंबित पदोन्नति प्रक्रिया को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की ओर से एनआईटी और आईआईईएसटी शिबपुर के नॉन-टीचिंग रिक्रूटमेंट रूल्स-2019 की समीक्षा के लिए समिति गठित की है, जिसके बाद कर्मचारियों की लंबे समय से अटकी पदोन्नति और उससे जुड़े दूसरे वित्तीय लाभों का रास्ता अब साफ हो सकेगा। एनआईटी कुरुक्षेत्र में करीब 50 से 60 गैर-शिक्षक कर्मचारियों की पदोन्नति लंबित है।
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उच्च शिक्षा विभाग ने इसको लेकर एक आदेश जारी किया, जिसमें नॉन-टीचिंग रिक्रूटमेंट रूल्स-2019 की समीक्षा के लिए पांच सदस्यीय समिति गठित की है। आदेश के अनुसार उन भर्ती नियमों की समीक्षा की जाएगी, जिनमें पिछले पांच वर्षों में संशोधन नहीं हुआ है। समिति एनआईटी और आईआईईएसटी शिबपुर से मौजूदा नियमों में विसंगतियों तथा जरूरी सुझावों की जानकारी लेकर अपनी रिपोर्ट तैयार करेगी।
समिति की अध्यक्षता एनआईटी जालंधर के निदेशक प्रो. बिनोद कनौजिया करेंगे। एनआईटी भोपाल के रजिस्ट्रार डॉ. सतीश तिवारी, एनआईटी राउरकेला के रजिस्ट्रार प्रो. रोहन धीमान और एनआईटी हमीरपुर की रजिस्ट्रार डॉ. अर्चना नानोटी सदस्य होंगे। उप सचिव (एनआईटी) या उनके प्रतिनिधि को सदस्य सचिव बनाया गया है। समिति को अपनी रिपोर्ट सितंबर महीने तक देने के लिए कहा गया है।
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इस मामले में अब एनआईटी के गैर शिक्षक कर्मचारियों का कहना है कि उनकी पदोन्नति के साथ कई कर्मचारियों का मॉडिफाइड एश्योर्ड कॅरिअर प्रोग्रेशन (एमएसीपी) भी वर्ष 2022 से लंबित है। एमएसीपी के तहत निर्धारित अवधि तक पदोन्नति नहीं मिलने की स्थिति में कर्मचारियों को सेवा अवधि के आधार पर वेतन में वित्तीय लाभ मिलता है, इसके अलावा पांच साल की सेवा के बाद मिलने वाला नॉन-फंक्शनल अपग्रेडेशन भी लंबित है।

19 को ही दे दी गई विभाग को जानकारी : प्रधान
गैर शिक्षक कर्मचारी संघ के प्रधान आर के मीणा ने कहा है कि हमारी मांग काफी लंबे समय से थी। काफी कर्मचारियों की पदोन्नति रुकी हुई थी। इसके लिए हमने काफी बार आंदोलन भी किए हैं। मगर अब कर्मचारियों में एक आस जगी है। अब शिक्षा विभाग इसमें कुछ सुधार करने जा रहा है। विभाग ने हमसे इसके संबंधित जानकारी मांगी थी, जो हमने 19 तारीख को ही विभाग के पास भेज दी है। हालांकि रिपोर्ट जमा करवाने की अंतिम तिथि 20 अगस्त तय थी।
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