फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kurukshetra News: पुष्पयगम के साथ भगवान वेंकटेश्वर को समर्पित नौ दिवसीय ब्रह्मोत्सव संपन्न

विज्ञापन
कुरुक्षेत्र। तिरुपति बालाजी मंदिर में श्री वेंकटेश्वर भगवान का गुणगान करते पुजारी। संवाद - फोटो : shiv tripathi
विज्ञापन
कुरुक्षेत्र। चक्रस्नानम के अगले दिन यानी शनिवार को भक्तों ने पुजारियों की मौजूदगी में तिरुपति बालाजी श्री वेंकटेश्वर भगवान को समर्पित दिव्य हवन आयोजित किया। इस दौरान तीस पुजारियों ने मंत्रोच्चारण के साथ भगवान वेंकटेश्वर की प्रतिमा को फूलों की सेज सजाकर उस पर शयन कराया। इसके साथ ही नौ दिन तक चले ब्रह्माेत्सव को वैदिक रीति एवं विधिविधान से संपन्न किया गया।
विज्ञापन


प्रतिदिन दिव्य वाहनों पर निकलने वाली भगवान वेंकटेश्वर की शोभायात्रा एवं परिक्रमा शनिवार को नहीं हुई। देर शाम को मंदिर परिसर में दिव्य हवन कुंड तैयार कर आयोजकों, भक्तों, पुजारियों ने आहुतियां डाली। इससे पूर्व भगवान की महिमा का गुणगान कर पूजा-अर्चना की गई। देवी-देवताओं की मूर्तियों को ताजे फूलों और पत्तियों से स्नान कराया गया। सादगी में भी उत्सव का माहौल बना रहा। सुबह से ही मंदिर में भक्तों ने सेवाभाव दर्शाना शुरू कर दिया। आयोजकों एवं पुजारियों ने भगवान वेंकटेश्वर की आराधना की। वैदिक मंत्रोच्चार से परिसर में भक्ति की बयार बहती रही। इससे पूर्व दोपहर के समय भक्तों को भगवान वेंकटेश्वर का विशेष कृपा प्रसाद खिचड़ी परोसी गई। वहीं शुक्रवार देर रात को भगवान का ध्वजारोहण कर श्रद्धालुओं ने आशीर्वाद प्राप्त किया। भगवान वेंकटेश्वर की पूजा-अर्चना की। मंदिर परिसर में फूलों से सजावट कार्य किया। मान्यता है कि ब्रह्मोत्सव के तहत अनुष्ठान, शोभायात्रा, परिक्रमा में शामिल होने वालों की भगवान वेंकटेश्वर मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं, सबका मंगल करते हैं।

भगवान वेंकटेश्वर, श्रीदेवी-भूदेवी की प्रतिमा का शृंगार : गौतम
मंदिर के पुजारी आचार्य लवकुश गौतम ने बताया कि तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम् द्वारा संचालित तिरुपति बालाजी वेंकटेश्वर भगवान के मंदिर में ब्रह्मोत्सव के तहत वार्षिक पुष्पयगम अनुष्ठान हुआ। इस दौरान भगवान वेंकटेश्वर, उनकी पत्नी श्रीदेवी-भूदेवी का गर्दन तक विभिन्न सुगंधित पुष्पों से शृंगार किया गया। इसके बाद भगवान को हवन के संपूर्ण करने पर शयन कराया गया। यह उत्सव मुख्य रूप से प्राकृतिक आपदाओं से पृथ्वी और मानवता की रक्षा करने के उद्देश्य से किया जाता है। अनुष्ठान की सभी गतिविधियां तिरुमाला तिरुपति देवस्थानम् द्वारा संचालित मंदिर की तर्ज पर की गई। इसमें दक्षिण भारत से आए भक्तों के अलावा स्थानीय श्रद्धालुओं का भी सहयोग एवं भक्तिभाव सराहनीय रहा। सभी ने शोभायात्रा और परिक्रमा के दौरान सेवाभाव का परिचय देते हुए भगवान वेंकटेश्वर का आशीर्वाद प्राप्त किया।

कुरुक्षेत्र। तिरुपति बालाजी मंदिर में श्री वेंकटेश्वर भगवान का गुणगान करते पुजारी। संवाद- फोटो : shiv tripathi

कुरुक्षेत्र। तिरुपति बालाजी मंदिर में श्री वेंकटेश्वर भगवान का गुणगान करते पुजारी। संवाद- फोटो : shiv tripathi

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें