कुरुक्षेत्र। जिले में एनएचएम (नेशनल हेल्थ मिशन) कर्मचारियों ने सोमवार को नियमितीकरण व अपनी अन्य लंबित मांगों के समर्थन में काली पट्टी व रिबन लगाकर रोष जताया। उन्होंने 14 जुलाई तक मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन करने की चेतावनी भी दी। संघ के मंत्री डॉ. सुरेश शर्मा ने बताया कि सरकार पिछले पांच साल से प्रदेश में कार्यरत एनएचएम कर्मचारियों की मांगों की अनदेखी कर रही है।
वर्ष 2016 में दो बार अधिकारियों द्वारा कर्मियों की मांग को पूरा करने के लिए मसौदा तैयार किया गया था, जिसे सरकार ने अनदेखा कर दिया था। वर्ष 2021 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने एनएचएम कर्मचारियों के कोविड काल के दौरान किए गए कार्य को देखते हुए सातवें वेतनमान आयोग की सिफारिश लागू करने की मंजूरी दी गई थी, विभाग के अधिकारियों कोई न कोई अनावश्यक आपत्ति लगाकर घोषणा को लागू नहीं कर रहे हैं।
प्रदेश कोषाध्यक्ष पंकज आत्रेय ने बताया कि भारत सरकार कई बार विभिन्न पत्राचारों के दौरान एनएचएम कर्मचारियों को स्वास्थ्य विभाग में समायोजित करने के लिए राज्य सरकार को निर्देशित कर चुकी है। साल 2022 में मणिपुर में एनएचएम कर्मचारियों को नियमित करने का कार्य किया गया है। इससे जुड़े सभी दस्तावेज कर्मचारी संघ ने मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री और विभाग के अधिकारियों को प्रस्तुत किए गए, मगर कहीं न कहीं अधिकारी सरकार को गुमराह करने का कार्य कर रहे हैं। बताया कि इस सांकेतिक प्रदर्शन के बाद भी उनकी मांगे पूरी नहीं हुईं तो एनएचएम कर्मचारी दो जुलाई को सीएमओ के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन देंगे।
आठ से 12 जुलाई तक विधायक, मंत्री, पक्ष व प्रतिपक्ष के माध्यम से ज्ञापन दिया जाएगा। उसके बाद भी सरकार नहीं जागती तो 14 जुलाई को बड़ी बैठककर तुरंत प्रभाव से आंदोलन पर बैठने के लिए विवश होंगे। इसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार व स्वास्थ्य विभाग की होगी। इस मौके पर विकास, लोकेश, संजीव, संत सिंह, पूजा, सपना, प्रवीन, कुलविंद्र, बबीता, सुशीला, डॉ. सविता, प्रेम, अनिता, प्रेम, संजय, संदीप, अनामिका समेत अन्य कर्मी मौजूद रहे।