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Kurukshetra News: नई तकनीकों से बढ़ेगा दुग्ध उत्पादन, 70 दिन की जगह किट से 28 दिन में होगा गर्भाधान

Sun, 22 Mar 2026 01:27 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
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कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र में सांसद नवीन जिंदल की पहल पर स्वस्थ पशुधन-समृद्ध किसान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें जिलेभर से आए किसानों और पशुपालकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कृषि विभाग के सभागार में आयोजित कार्यक्रम का उद्देश्य पशुपालन क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों को बढ़ावा देना और किसानों की आय में वृद्धि करना रहा।
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कार्यक्रम में बिगनैनो वेंचर एनिमल डायग्नोस्टिक रिसर्च कंपनी की फाउंडर कोमल कालांत्री ने पशुओं की अर्ली प्रेगनेंसी डिटेक्शन किट प्रेगा किट का लाइव डेमो प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि इस किट के माध्यम से पशु के रक्त की एक बूंद से मात्र कुछ ही मिनटों में गर्भावस्था की पुष्टि की जा सकती है। जहां पारंपरिक तरीके से जांच में करीब 70 दिन लगते हैं। वहीं इस किट से 28 दिन में ही सटीक परिणाम मिल जाते हैं। कार्यक्रम में पहुंचे पशुपालकों को यह किट नि:शुल्क वितरित की गई।

सांसद नवीन जिंदल ने स्वयं मंच से किट का प्रयोग कर डेमो दिखाया और पॉजिटिव परिणाम आने पर संबंधित पशुपालक को बधाई भी दी। उन्होंने कहा कि पशुपालकों की तरह उन्हें भी बचपन से पशुओं के प्रति विशेष लगाव रहा है और उनका उद्देश्य है कि किसान आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर दुग्ध उत्पादन से अधिक मुनाफा कमा सकें।
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उन्होंने कहा कि हरियाणा को दुग्ध उत्पादन में अग्रणी बनाने के लिए गुजरात जैसे राज्यों से प्रेरणा लेकर काम किया जाना चाहिए। इस तरह के प्रशिक्षण शिविरों से पशुपालकों को गर्भाधान और पशु स्वास्थ्य से जुड़ी नई तकनीकों की जानकारी मिलती है जिससे उत्पादन क्षमता बढ़ाई जा सकती है।

कार्यक्रम के दौरान पशुपालकों ने अपनी समस्याएं भी साझा की। उन्होंने दूध के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) तय करने और सेक्स सॉर्टिड सीमन उपलब्ध कराने की मांग रखी। सांसद ने अपनी टीम को निर्देश दिए कि सभी मांगों को लिखित रूप में संबंधित विभागों तक पहुंचाया जाए। नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में सरकार पशुओं के लिए बेहतर चिकित्सालय और सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए कार्य कर रही है। इस अवसर पर डॉ. मनीष मिश्रा, प्रोफेसर राकेश अरावतिया, डॉ. करमचंद, डॉ. सूर्य खटकड़ सहित कई विशेषज्ञों ने पशुपालन से जुड़े विषयों पर जानकारी दी।
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