सरकार द्वारा करोड़ों रुपये जारी किए जाने के बावजूद भी अधिकारी लापरवाही बरत रहे हैं। छह-छह माह तक विकास कार्यों के टेंडर लटके रहते हैं, जिसका खामियाजा जनता को भुगतना पड़ता है। अधिकारियों की ऐसी ही लापरवाही व अनदेखी सामने आई तो सांसद नायब सिंह सैनी ने फटकार लगाई और कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों के टेंडर जारी करने में देरी करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। सांसद नायब सैनी व विधायक सुभाष सुधा सोमवार को जिला सचिवालय में जिला विकास समन्यवय एवं निगरानी कमेटी की बैठक ले रहे थे।
सांसद ने कहा कि भविष्य में विकास कार्यों के लिए छह-छह माह तक टेंडर लगाने का इंतजार नहीं किया जाएगा। कई विभागों द्वारा लापरवाही बरती जा रही है, इसलिए जिस-जिस विभाग ने विकास कार्यों के लिए टेंडर जारी करने में देरी की है, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी। इसके लिए एडीसी को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए हैं। बैठक मेंएडीसी अखिल पिलानी और नगराधीश चंद्रकांत कटारिया ने विभिन्न योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट को प्रस्तुत की।
उन्होंने कहा कि सांसद निधि के तहत 23 अगस्त ल2022 तक सात करोड़ रुपए की राशि प्रशासन के पास विभिन्न विकास कार्यों के लिए भेजी जा चुकी है। इसमें से चार करोड़ 40 लाख की राशि विकास कार्यों पर खर्च की जा चुकी है। उनकी तरफ से 214 विकास कार्य करने की अनुमति जारी की जा चुकी है। इसमें से 84 विकास कार्यों को पूरा किया जा चुका है, 10 पर काम चल रहा है।
बैठक में सांसद ने कहा कि 47 विकास कार्यों पर अभी भी कार्य शुरू नहीं हुआ है। पंचायती राज विभाग की तरफ से उदारसी, अभिमन्युपुर, दिवाना, इसाक, सुरमी, मिर्जापुर, रतनगढ़, छपरा, मंगोली जाटान, लाडवा, नप थानेसर के 10 विकास कार्यों को अभी तक शुरू ही नहीं किया गया। सांसद ने इस पर अधिकारियों को फटकार लगाई और कहा कि विकास कार्यों के जल्द से जल्द टेंडर लगाए और टेंडर लगाने की रिपोर्ट तुरंत सौंपी जाए।
विधायक सुभाष सुधा ने कहा सभी विभागों के अधिकारियों से एक-एक विकास कार्य पर प्रतिक्रिया ली गई कि विकास कार्यों पर कितना पैसा खर्च हुआ और कितनी ग्रांट की जरूरत है। जिन विभागों के अधिकारी लापरवाही बरत रहे हैं, उन्हें सबक भी सिखाया जाएगा।
सांसद नायब सिंह सैनी ने कहा कि स्वच्छ भारत मिशन के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में 18 ठोस कचरा प्रबंधन प्रोजेक्ट को पूरा कर लिया गया है। इन प्रोजेक्ट के लिए 64 लाख रुपए की राशि जारी की गई थी। इन सभी प्रोजेक्ट को जल्द से जल्द शुरू करने के आदेश दिए गए हैं।
विधायक सुभाष सुधा ने कहा कि सरकार ने ठोस कचरा प्रबंधन के लिए करनाल में एक बड़ा प्रोजेक्ट लगाने का काम किया है। इस प्रोजेक्ट के तहत जिले के कचरे का भी प्रबंधन किया जाएगा। इसके लिए एक निजी एजेंसी को जिम्मेवारी सौंपी जा रही है। यह एजेंसी एक माह में अपना कार्य शुरु कर देगी। इसके बाद प्रत्येक घर से निजी एजेंसी के कर्मचारी डोर टू डोर कलेक्शन करेंगे।