पशुओं में फैल रहे लंपी वायरस को रोकने के लिए अब विभाग ने प्रयास तेज कर दिए हैं। स्वस्थ पशुओं को बचाने के लिए न केवल दूसरी खेप में 71 हजार 300 डोज पहुंच चुकी हैं, बल्कि ये पशुओं को लगाने के लिए टीमें भी फील्ड में उतार दी गई है। अभी तक विभाग की ओर से करीब 22 हजार पशुओं को यह वेक्सीन लगाई जा चुकी है तो वहीं अभियान लगातार चलाया जा रहा है। दवा आने के बाद अब पशु पालकों को भी उम्मीद बंधी है कि आखिर स्वस्थ पशुओं को इस बीमारी से बचाया जा सकेगा।
बता दें कि जिला में लंपी वायरस से संदिग्ध पांच हजार से अधिक पशुओं की पहचान की जा चुकी है तो वहीं करीब दस दिन पहले शनिवार व रविवार को दो दिन टीकाकरण अभियान भी चलाया गया था। पहली खेप में पशुपालन एवं डेयरी विभाग को 8100 डोज ही मिल पाई थी और ये सभी उक्त दो दिन के अभियान के तहत ही लगा दी गई थी। एक सप्ताह इंतजार के बाद अब विभाग के पास दवा की दूसरी खेप पहुंची तो अधिकारियों, पशु चिकित्सकों व पशुपालकों ने भी राहत महसूस की है। दवा न मिलने से हड़कंप मचा हुआ था और पशु पालक लगातार अधिकारियों से संपर्क कर रहे थे।
आठ अगस्त को विभाग की ओर से 22 संदिग्ध पशुओं के सेंपल जांच के लिए भोपाल स्थित लैब भेजे गए थे, लेकिन आज तक इनकी रिपोर्ट नहीं आई है। ऐसे में यह भी स्पष्ट नहीं हो पाया है कि ये पशु इस बीमारी से सही तौर पर ग्रस्त भी है या नहीं। फिलहाल इन्हें संदिग्ध ही माना जा रहा है।
पशुपालन विभाग के एसडीओ डॉ. जसबीर सिंह का कहना है कि अब वैैक्सीन की कोई कमी नहीं है। 71 हजार 300 डोज विभाग को मिल चुकी है और इन्हें लगाने के लिए टीमें फील्ड में उतारी गई है। करीब 22 हजार पशुओं को यह वैक्सीन लगा दी गई है।