कुरुक्षेत्र। धर्मनगरी के सीएम सिटी बनने के बाद लोगों की उम्मीदें भी बढ़ी हैं लेकिन कई अधिकारी इसके बावजूद भी गंभीर नहीं दिख रहे हैं। न लोगों की समस्या व शिकायतों को गंभीरता से लिया जा रहा और न ही प्रशासनिक बैठकों को। ऐसी ही लापरवाही जिले के दो अधिकारियों पर भारी पड़ गई है। इनमें डीएफएससी व डीटीपी शामिल है, जिन्हें जिला उपायुक्त ने नोटिस जारी करने के आदेश दिए हैं।
डीएफएससी सीएम विंडो की चार माह तक शिकायत लटकाए हुए हैं और डीटीपी जिला उपायुक्त की ओर से जनसंवाद, समाधान शिविर व अन्य कार्रवाइयों से संबंधित ली गई समीक्षा बैठक में ही नहीं पहुंचे। संबंधित समाधान शिविर की चार शिकायतें डीटीपी के पास लंबित हैं। उन पर जिला उपायुक्त ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस तरह की लापरवाही सहन नहीं की जा सकती। अधिकारियों को गंभीर होना ही होगा।
डीएफएससी पर आरोप है कि उनके पास सीएम विंडो पर दी गई शिकायत चार माह से लंबित है। उन्होंने न तो यह शिकायत निपटाई और न ही उच्चाधिकारियों को इस संबंध में कोई रिपोर्ट दी। इस वजह से शिकायत ओवर-ड्यू हो गई। इसी के चलते डीएफएससी को जिला उपायुक्त की ओर से नोटिस भेजा गया है जिसके चलते अब उन्हें खुद सोमवार को शिकायतकर्ता और जवाब के साथ उपायुक्त कार्यालय में पेश होना होगा। डीएफएससी राजेश कुमार आर्य का कहना है कि कई वर्षों पुरानी शिकायत है, जो उनके संज्ञान में अभी आई है। इसे जल्द निपटा लिया जाएगा। डीटीपी विक्रम कुमार का कहना है कि वे इससे पहली बैठक में बीमार होने के चलते नहीं पहुंच पाए थे और उन्होंने छुट्टी भी ली हुई थी। जिला उपायुक्त को स्थिति स्पष्ट कर दी जाएगी।
सीएम विंडो पर अभी तक मिली 11745 शिकायतें, 138 हुई ओवर-ड्यू
उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा शुक्रवार को लघु सचिवालय के सभागार में आयोजित सीएम विंडो की शिकायतों पर समीक्षा कर रहे थे। उपायुक्त ने अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। सीएम विंडो पर अभी तक 11745 शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें से 160 पर कार्रवाई चल रही है और 138 शिकायतें ओवर-ड्यू हैं। शुक्रवार को उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा ने इन शिकायतों पर समीक्षा की और निर्देश दिए कि सभी अधिकारी ओवर-ड्यू शिकायतों की वीरवार तक एटीआर सबमिट करें।
उपायुक्त ने कहा कि जिस सीएससी ऑपरेटर के खिलाफ सरकार की योजनाओं पर पैसे मांगने की शिकायत आई है, सबसे पहले उस सीएससी ऑपरेटर की आईडी को बंद किया जाए। इसके बाद एसडीसी की ओर से इस मामले में जांच करके आगामी नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाए। 30 अक्तूबर तक पंचायती भूमि पर 20 वर्षों से मकान बनाकर रह रहे सभी पात्रों से आवेदन पत्र लेकर उनकी आगामी कार्रवाई को पूरा करें।
समाधान शिविरों में 6816 शिकायतें मिलीं, 342 की दोबारा जांच
समाधान शिविरों में अभी तक 6816 शिकायतें प्राप्त हुई हैं। इनमें से 168 लंबित, 4859 का समाधान, 1432 शिकायतें रद्द और 342 शिकायतों पर दोबारा जांच शुरू की है। एसएमजीटी के तहत 93 शिकायतें लंबित हैं और सीपी ग्राम पोर्टल पर 21 शिकायतों का समाधान किया जाना है। इसके अलावा जन संवाद के तहत प्राप्त 387 शिकायतों में से 107 पर कार्रवाई जारी है और 58 शिकायत ओवर-ड्यू हैं। इन सभी शिकायतों पर शुक्रवार को जिला उपायुक्त ने अधिकारियों के साथ समीक्षा की।
मुख्यमंत्री खुद कर रहे समीक्षा
जिला उपायुक्त का कहना है कि समस्याओं और शिकायतों के प्रति मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी स्वयं गंभीर हैं और वे समीक्षा करते हैं। इन शिकायतों का सभी अधिकारी गंभीरता से लेते हुए तय समय में समाधान करें। किसी भी विभाग की शिकायत का समाधान नहीं होगा, वे अधिकारी स्वयं जिम्मेदार होंगे। एसएमजीटी पर आने वाली शिकायतों का 24 घंटे के अंदर निपटान किया जाना है। सभी अधिकारी रोजाना अपने-अपने कार्यालय के पोर्टल पर इन शिकायतों को चेक करें।
कुरुक्षेत्र। सीएम विंडो की शिकायतों पर समीक्षा बैठक लेते उपायुक्त विश्राम कुमार मीणा। विज्ञप्ति- फोटो : रेलवे