कुरुक्षेत्र। अनाज मंडियों में अब गेहूं की आवक न के बराबर रहने लगी है, लेकिन उठान कार्य में देरी के चलते हालात खराब हो रहे हैं। इसके चलते प्रशासन को किसानों से लेकर आढ़तियों के गुस्से का भी शिकार होना पड़ रहा है। जिसके चलते अब छह ठेकेदारों को नोटिस जारी किया गया है।
इस सख्ती के बाद ठेकेदारों में हलचत है और उठान कार्य में भी कुछ तेजी देखी गई। अब तक खरीद किए गए चार लाख 76 हजार 223 मीट्रिक टन गेहूं में से 72 फीसदी का उठान कर लिया गया। हालांकि अभी अनाज मंडियों में 28 फीसदी गेहूं उठान के इंतजार में है, लेकिन दावा किया जा रहा है अगले दो से तीन दिन में इसे भी पूरा कर लिया जाएगा।
विभिन्न अनाज मंडियों व खरीद केंद्रों पर बुधवार तक खरीद किए गए उक्त गेहूं में से दो लाख 36 हजार 233 मीट्रिक टन गेहूं खाद् एवं पूर्ति विभाग द्वारा व एक लाख 97 हजार 805 एमटी हैफेड द्वारा खरीदा गया। विभिन्न एजेंसियों द्वारा अब तक 75140 किसानों की फसल खरीद चुकी है। इसमें से तीन लाख 43 हजार 749 एमटी गेहूं का ही विभिन्न एजेंसियां उठान कर पाई है। इसमें से एक लाख 70 हजार 375 एमटी गेहूं खाद् एवं पूर्ति विभाग व एक लाख 36 हजार 942 एमटी हैफेड द्वारा उठान किया जा सका है।
अधिकारियों का मानना है कि 72 फीसदी तक उठान कार्य पूरा कर लिया गया है और दावा है कि अगले दो से तीन दिन में अधिकतर गेहूं का उठान कर लिया जाएगा, लेकिन मंडियों में पड़े गेहूं व मौसम में हो रहे बदलाव को देख किसानों में चिंता बनी हुई है। अब वीरवार को फिर मौसम में बदलाव की आशंका जताई जा रही है, ऐसे में बारिश होने पर नुकसान होना लाजमी है। किसानों का कहना है कि अब गेहूं की आवक भी कम रह गई है, इसके बावजूद भी उठान कार्य उम्मीद अनुसार तेज नहीं हो पाया है।
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डीएफएसएसी सुरेंद्र सैनी का कहना है कि उठान कार्य में कुछ ठेकेदारों की कथित लापरवाही सामने आई है। जिसके चलते उन्हें नोटिस थमा दिए गए हैं। उन्हें चेतावनी दी गई कि उनसे उठान कार्य वापस लेते हुए उनका भुगतान भी रोका जाएगा। यहीं नहीं उन्हें ब्लैक लिस्ट भी घोषित किया जाएगा। इसके बाद उठान कार्य में तेजी आई है।