कुरुक्षेत्र। जग ज्योति दरबार में महंत राजेंद्र पुरी द्वारा नवरात्र के अवसर पर विशेष अनुष्ठान एवं हवन यज्ञ शुरू किया गया है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु भी पहुंच रहे हैं।
महंत राजेंद्र पुरी ने कहा कि बहुत से लोग आधुनिकता के युग में शिक्षित होने के बाद अपने देवी देवताओं और इष्ट के प्रति अलग तरह का भाव रखते हैं। सबसे पहले तो यह जानना बहुत जरूरी हो जाता है कि जो मन में भाव एवं श्रद्धा होती है। उसके लिए भगवान के साक्षात दर्शन और अपनी प्रार्थना के लिए हमें भगवान के घर मंदिर में जाना ही होता है। मंदिर में संपूर्ण विधि विधान से मूर्ति स्थापना और प्राण प्रतिष्ठा करके भगवान को स्थान दिया जाता है। सनातन धर्म में अपने इष्ट की पूजा करके ही प्रार्थना की जाती है।
महंत राजेंद्र पुरी ने कहा कि सनातन में मंदिरों एवं धर्म स्थानों पर जाने एवं पूजा अर्चना का पूरे विधि विधान से महत्व बताया गया है। इसकी वेदों पुराणों में पूरी जानकारी के साथ वैज्ञानिक महत्व बताया गया है। सनातन और हिंदू धर्म को मानने वालों को जागरूक होने के साथ समाज में फैलाई जाने वाली भ्रांतियों को दूर करने के भी सतर्क रहना चाहिए। भगवान शिव के आराध्य भगवान राम हम सब के राम एक हैं। भगवान श्री राम ही सनातन है और सनातन ही राम है।