कुरुक्षेत्र/शाहाबाद। दिल्ली कूच रोकने के लिए दिल्ली-अंबाला नेशनल हाईवे 44 सोमवार को मारकंडा नदी के बाद बिलकुल सील कर दिया गया। नलवी-ठोल रोड पर बने जलेबी पुल से भी आवाजाही बंद कर दी गई। दिल्ली की ओर से अम्बाला, पंजाब, चंडीगढ़ जाने वाले वाहनों को बराड़ा चौक से बराड़ा-दोसड़का-पंचकूला की ओर डायवर्ट किया जाता रहा। आईआरबी तथा बीएसएफ के जवान भी पहुंच गए, जिन्होंने संबंधित क्षेत्र का मुआयना किया तो उनका रात्रि ठहराव ऋषि मारकंडेश्वर शिव मंदिर धर्मशाला में किया गया।
प्रशासन की मानें तो किसान शंभू बार्डर पार कर आगे बढ़े तो उन्हें शाहाबाद के मारकंडा पुल पर रोका जाएगा। इसके लिए दोनों तरफ पुलिस ने पक्के सीमेंटिड बैरिकेड बनाने का काम किया गया। कांटेदार तारों के साथ लोहे के बैरिकेड भी लगाए जाएंगे और उसके बाद आईआरबी और बीएसएफ अपना मोर्चा संभालेगी। उन्हें साथ वाटर केनन की गाड़ियां और अन्य सुरक्षा वाहन भी उपस्थित रहेंगे। उनके साथ हरियाणा पुलिस के भी सैकड़ों जवान रहेंगे। सोमवार रात शाहाबाद के उपमंडल अधिकारी पुलकित मल्होत्रा और डीएसपी रणधीर सिंह सहित अधिकारी अपनी निगरानी में किसानों को रोकने के लिए की व्यवस्था करवाते रहे।
दूसरे दिन भी राहगीरों को झेलनी पड़ी भारी परेशानी
दूसरे दिन सोमवार को भी दिल्ली से अंबाला की ओर जाने वाले वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। उन्हें शाहबाद से बराड़ा, दोसड़का और पंचकूला की ओर डायवर्ट किया गया, जिसके चलते जाम के हालात बने रहे। राहगीर सुशमा, जगमोहन, सतबीर, तरसेम सिंह और राहुल शर्मा ने कहा कि उन्हें 20 किलोमीटर की जगह 52 किलोमीटर सफर तय करना पड़ा। वहीं अंबाला से दिल्ली-पानीपत की तरफ जाने वाले राहगीरों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। मारकंडा पुल पर विपरीत दिशा से आए वाहनों के चलते हाईवे पर भी जाम लगा रहा।
अब इन रूट से जा सकेंगे राहगीर
इस्माईलाबाद-ठोल-नलवी से शाहाबाद आने वाले राहगीरों को अब गुमटी गांव में बने मारकंडा पुल से होकर दयाल नगर रेलवे अंडर पास से निकलकर नेशनल हाईवे पर आना होगा। उधर, दिल्ली से अंबाला व चंडीगढ़ जाने वाले वाहनों को बराड़ा-दोसड़का-पंचकूला-जीरकपुर होते हुए सफर तय करना होगा। पंजाब व अंबाला से दिल्ली की ओर जाने वाले वाहनों को शाहाबाद से पहले ही रोक लिया जाएगा। इसलिए उन्हें अंबाला से डायवर्ट किए रूट से सफर तय करना होगा।