कुरुक्षेत्र। धर्मनगरी की सफाई व्यवस्था एक बार फिर ठप होने लगी है। सफाई कर्मी अपनी मांगों के समर्थन में हड़ताल पर उतर आए हैं, जिसके चलते वीरवार को न केवल कर्मियों ने शहरभर में काम बंद रखा बल्कि नगर परिषद कार्यालय पर भी ताला भी जड़ दिया। वहीं मांगें पूरी न होने तक हड़ताल जारी रखने व शुक्रवार से वीआईपी कोठियों व प्रतिष्ठानों पर भी कार्य ठप रखने का एलान किया। ऐसे में नगर परिषद के समक्ष अब सफाई व्यवस्था को लेकर बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है।
वीरवार को सुबह ही सफाई कर्मचारी नगर पालिका कर्मचारी संघ के आह्वान पर परिषद परिसर में एकजुट हुए, जहां धरना शुरू किया। इस दौरान जमकर नारेबाजी भी की गई तो वहीं गुस्साए कर्मियों ने कार्यालय पर ताला भी जड़ दिया। जितेंद्र बंसल जिला प्रधान रिटायर कर्मचारी संघ कुरुक्षेत्र व रावल गुप्ता जिला कैशियर सर्व कर्मचारी संघ कुरुक्षेत्र ने इस दौरान कहा कि नगरपालिका प्रशासन द्वारा नगरपालिका कुरुक्षेत्र के कर्मचारियों को बढ़ी हुई पे का एरियर व एलटीसी काफी लंबे समय से लटकाई हुई है। जब तक जारी नहीं की जाती हड़ताल जारी रहेगी। इसके साथ साथ रेगुलराइजेशन की नीति, पुरानी पेंशन, कौशल रोजगार निगम भंग करने, खाली पदों पर पक्की भर्ती करना, आरक्षित वर्ग के बैकलॉग को पूरा करना, हरियाणा का अलग वेतन आयोग गठित करने, सरकारी विभागों में निजीकरण बंद करने, सार्वजनिक क्षेत्र के विभागों का विस्तार करने, प्रदेश के सभी प्रकार के कच्चे कर्मचारियों को नियमित करने आदि मांगों को लेकर रोहतक में चार फरवरी को होने वाली आक्रोश रैली में भी नगरपालिका कुरुक्षेत्र से सैकड़ों कर्मचारी भाग लेंगे। अपनी बात रखते हुए जितेंद्र बंसल व सभी कर्मचारियों ने पटवारियों के आंदोलन में बीमार होने के कारण कपिल कम्बोज पटवारी की हुई मौत पर श्रद्धांजलि देते हुए दो मिनट का मौन रखा गया।
हड़ताल में विक्रम सिंह, राजेंद्र सिंह, मीरा देवी, सुमन, रामधारी, जुम्मन सिंह, सुरेंद्र कुमार, विकास, सुरेश कुमार, जसबीर सिंह के साथ साथ सैकड़ों महिला व पुरुष कर्मचारियों ने भाग लिया।
आज से वीआईपी कोठियों में भी सफाई बंद : गुंसर
नगरपालिका कर्मचारी संघ के प्रधान सुभाष गुंसर ने बताया कि इस बार कर्मचारी किसी भी दबाव में झुकेंगे नहीं। जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी, हड़ताल जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि इस बार कर्मचारियों में भारी गुस्सा है, जिसके चलते स्थायी व अस्थायी सभी सफाई कर्मी हड़ताल पर है। यहां तक कि शुक्रवार से वीआईपी कोठियों से भी कर्मियों को हड़ताल में शामिल किया जाएगा। ये कर्मी भी जब तक हड़ताल रहेगी, तब तक काम पर नहीं लौटेंगे।