कुरुक्षेत्र। बैठक में हिस्सा लेते महादेव गोशाला के सदस्य। स्वयं
कुरुक्षेत्र। ऐतिहासिक महादेव गोशाला में 14 जून को नक्षत्र वाटिका स्थापित की जाएगी। यह वाटिका पर्यावरण संरक्षण के साथ तीर्थ की दिव्यता बढ़ाएगी। यह जानकारी देते हुए अशोक रोशा ने बताया कि पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, यह स्थान जगतपिता ब्रह्मा जी की उत्पत्ति स्थल नाभीकमल तीर्थ पर स्थित है। भगवान विष्णु की नाभि से कमल प्रकट होने से ब्रह्मा जी की उत्पत्ति हुई थी। ब्रह्मा जी ने यहीं शिवलिंग की स्थापना की थी। सनातन संस्कृति में पेड़-पौधों का संबंध नक्षत्रों से है। वाटिका में 27 नक्षत्रों से जुड़े 27 औषधीय और पूजनीय पौधे लगेंगे। इनकी परिक्रमा से कुंडली के नक्षत्र दोष दूर होते हैं। पुरुषोत्तम मास में गौ सेवा संकल्प के तहत यह कार्य हो रहा है। श्रद्धालु अब गायों की सेवा के साथ प्रकृति और परमात्मा से भी जुड़ सकेंगे।