पिहोवा निवासी सचिन मित्तल ने बताया कि उसकी भाभी ऊषा गुप्ता प्रोफेसर कॉलोनी स्थित अपने मकान में छोटे बेटे योगेश के साथ रहती थी, जो 30 जुलाई 2019 से नशीले पदार्थ अधिनियम के तहत जिला कारागार में बंद है। इससे बड़े बेटे प्रिंस की वर्ष 2012 में सड़क दुर्घटना में मौत हो गई थी। इसके पश्चात वर्ष 2015 में उसके पति सतीश मित्तल की मौत हो गई थी। इसके बाद से वह योगेश के साथ ही अपने घर में रहती थी, लेकिन योगेश नशे का आदी था, जिसके कारण वह जेल में बंद है।
वर्ष 2016 में प्राचार्या के पद से हुई सेवानिवृत्त
जानकारी के अनुसार ऊषा गुप्ता लंबे समय तक शिक्षा के क्षेत्र में सेवाओं के बाद राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बोधनी से वर्ष 2016 में प्राचार्या के पद से सेवानिवृत्त हुई थी, जिसके बाद वह अपने पुत्र के साथ पिहोवा की प्रोफेसर कॉलोनी स्थित अपने मकान में रहती थी।
पुलिस योगेश से करेगी पूछताछ, मामले की गहनता से की जा रही जांच
सिटी चौकी प्रभारी प्रदीप कुमार एवं जांच अधिकारी प्रेम सिंह ने बताया कि पुलिस विभिन्न पहलुओं से मामले की जांच कर रही है। प्राथमिक जांच में रंजिश के चलते ऊषा गुप्ता की हत्या को अंजाम दिया गया है। पुलिस ने फोरेंसिक टीम को बुलाकर साक्ष्य जुटाए हैं। साथ ही आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि हमलावरों का सुराग लग सके। इसके अलावा पुलिस मृतका के पुत्र योगेश से भी पूछताछ करेगी। इस मामले में सीआईए की दोनों टीमें बारीकी से जांच कर रही है, जल्द ही हमलावरों को काबू किया जाएगा।