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जीटी रोड पर बनेगा मल्टी स्टोरी ट्रॉमा सेंटर

Sun, 20 Dec 2015 12:19 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला/ कुरुक्षेत्र
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स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक बेहतर बनाने को लेकर योजना बनाई जा रही है। एलएनजेपी अस्पताल में वर्क लोड कम करने और जीटी रोड के साथ ही आसपास के इलाके के लोगों को बेहतर तत्काल सुविधा प्रदान करने के लिए मिनी ट्रामा सेंटर की तर्ज पर अस्पताल बनाने की योजना तैयार की गई है।
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इसके तहत जीटी रोड स्थित पिपली पैराकीट रेस्ट हाउस के पास मल्टी स्टोरी ट्रामा सेंटर की तर्ज पर अस्पताल बनाया जाएगा। इसका प्रोपोजल सिविल सर्जन ने तैयार कर जमीन की मांग भी जिला प्रशासन को भेज दी है। साथ सरकार को भी प्रोपोजल भेज दिया है। इसके बनने से जीटी रोड पर होने वाले हादसों में घायल होने वालों को तत्काल सहायता मिल सकेगी।

साथ ही आसपास के क्षेत्रों में रहने वाली गर्भवती महिलाओं के लिए भी सुविधा रहेगी। वर्तमान में जीटी रोड पर पिपली में प्राइमरी हेल्थ सेंटर हैं। लेकिन, इसमें न तो स्टाफ पूरा है और न ही उपयुक्त स्थान। यह पिपली चौक पर स्थित है। यहां पर मरीजों की भीड़ भी रहती है, लेकिन यहां की इमारत की हालत खराब है।
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यह हालात तब हैं, जबकि अकेले पिपली इलाके की जनसंख्या ही 15 हजार से अधिक है। इसके साथ ही हुडा ने भी यहां कई सेक्टर विकसित कर दिए हैं। जीटी रोड के साथ लगते कई गांव भी इसी प्राइमरी हेल्थ सेंटर पर निर्भर है। यही कारण है कि स्वास्थ्य विभाग ने इस पूरे इलाके को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने के लिए एक नया प्रस्ताव स्वास्थ्य विभाग को भेजा है।

ये प्रोपोजल किया है तैयार
स्वास्थ्य विभाग ने पिपली स्थित पैराकीट रेस्ट हाउस के पास स्थित यूथ हॉस्टल की खाली पड़ी डेढ़ एकड़ जमीन को मिनी ट्रॉमा सेंटर के नाम पर अलॉट करने की मांग भेजी है। इसमें मुख्य रूप से आपातकालीन सुविधा और प्रसूति सुविधा को ज्यादा बेहतर बनाने की योजना तैयार की जा रही है।

इसमें पैरा मेडिकल स्टाफ और चिकित्सकों का स्टाफ भी अलग से नियुक्त कराने की योजना है। पिपली  रेस्ट हाउस के पास खाली पड़ी जमीन पर स्वास्थ्य विभाग पांच मंजिला ट्रॉमा सेंटर बनाएगा। इससे मरीजों को सभी प्रकार की सुविधाएं मिल सकेंगी। इसमें जीटी रोड के साथ लगते गांव, कस्बे और पिपलीवासी यहां उपचार करवा सकेंगे।  

अस्पताल का घटेगा वर्क लोड
यदि सरकार द्वारा इस मिनी ट्रामा सेंटर के प्रपोजल को मंजूरी प्रदान की जाती है, तो जिला मुख्यालय के एलएनजेपी सिविल अस्पताल को भी राहत मिलेगी। अभी एलएनजेपी अस्पताल में प्रतिदिन 1800 से 2000 के बीच ओपीडी होती है। इस कारण मरीजों, डॉक्टरों और स्टाफ को भी परेशानी होती है।

इसके साथ ही जीटी रोड पर हादसों की संख्या भी काफी रहती है। अभी सभी मरीजों को एलएनजेपी में ही लाना पड़ता है। यदि ट्रामा सेंटर वहां होगा तो ऐसे मरीजों के लिए बहुत लाभदायक होगी। ट्रॉमा सेंटर जीटी रोड से लगता हुआ होने के कारण सड़क हादसों का शिकार हुए लोगों की जान बचाने में कारगर साबित होगा।


डॉक्टरों के अनुसार हादसे के शिकार व्यक्ति के लिए पहला एक घंटा अति महत्वपूर्ण होता है। पहले एक घंटे में घायल हुए मरीज को प्राथमिक उपचार मिल जाए तो उसके बचने की उम्मीद 90 प्रतिशत बढ़ जाती है। जीटी रोड से एलएनजेपी अस्पताल सात किलोमीटर दूर स्थित है। ऐसे में जीटी रोड पर एलएनजेपी अस्पताल पहुंचे के लिए पूरे कुरुक्षेत्र शहर को पार करना पड़ा है। इसमेें आधे घंटे से ज्यादा समय लग जाता है।

पिपली रेस्ट हाउस के पास डेढ़ एकड़ जमीन की डिमांड सरकार को भेजी है। इसमें मल्टी स्टोरी ट्रामा सेंटर बनाए जाने की योजना है। इससे जीटी रोड पर हादसों में घायल होने वाले मरीजों और उस इलाके में प्रसूति हब विकसित करने की योजना है। यदि इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो एलएनजेपी अस्पताल में मरीजों की भीड़ कम होगी ही साथ ही मरीजों को राहत भी मिलेगी।
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डॉ. सुरेंद्र नैन, सिविल सर्जन, कुरुक्षेत्र।
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