जिला प्रशासन के अतिक्रमण और अवैध कब्जा हटाओ अभियान दिखावा साबित हो रहा है। अधिकांश दुकानदारों को यही नहीं पता कि बुधवार को ऐसा कोई अभियान भी चलाया गया था। कारण ये कि अधिकारियों द्वारा की गई कार्रवाई केवल खानापूर्ति तक सीमित होकर रह गई है, जिसके चलते जिला प्रशासन और नगर परिषद का प्रशासनिक अमला बाजारों में तथा शहर की विभिन्न सड़कों पर अतिक्रमण और अवैध कब्जे करने वालों पर दबाव बनाने में नाकामयाब साबित हुआ।
मेन बाजार, कच्चा घेर, पालिका बाजार, गोशाला बाजार, नया बाजार, शास्त्री मार्केट तथा झांसा रोड से सटे छोटे बाजार आदि का दौरा करते हुए कुुछ यही स्थिति अमर उजाला टीम के सामने आई। दुकानदारों द्वारा धड़ल्ले से किया अतिक्रमण, अवैध कब्जे तथा बेरीकेड के बावजूद बाजार में चार पहिया वाहनों की धड़ाधड़ एंट्री जारी रही। थानेसर शहर में एंट्री करते ही आहलूवालिया चौक पर प्रशासन की ओर से लगाए सूचना बोर्ड पर चेतावनी लिखी गई है कि सुबह 11 से रात्रि 8 बजे तक चार पहिया वाहनों का प्रवेश पूर्णत: निषेध है। जिसपर उल्लंघन करने वाले के विरुद्ध जुर्माना एवं कानूनी कार्रवाई करने बारे भी लिखा गया है। बावजूद इसके वाहन चालक जिला प्रशासन के आदेशों की खुलेआम धज्जियां उड़ा रहे हैं।
डीसी के आदेश दरकिनार
गौरतलब है कि नगर परिषद के अधिकारियों की ओर से बुधवार को शहरभर में विभिन्न स्थानों पर दुकानदारों द्वारा किए गए अतिक्रमण को पुलिस की मौजूदगी में हटवाया गया था। इन स्थानों में पालिका बाजार, सब्जी मंडी, रोटरी चौक, पुराना बस अड्डा, पारस रोड, रेलवे रोड, सेक्टर-17 की मार्केट, अंबेडकर चौक आदि शामिल रहे, लेकिन अगले ही दिन इस अभियान का असर और डीसी के आदेश भी हवा-हवाई दिखाई दिया। अगले ही दिन वीरवार को शहर के कच्चा घेर, शास्त्री मार्केट, पालिका बाजार, छोटा बाजार तथा पुरानी सब्जी मंडी का क्षेत्र अतिक्रमण का शिकार हो गया।
पुरानी सब्जी मंडी का रास्ता खुलने से मिलेगी जाम से निजात
मेन बाजार से सटी न्यू मार्केट में व्यापारी प्रवीण शर्मा ने कहा कि पुरानी सब्जी मंडी का रास्ता खुलना जरूरी है। इससे बाजार की स्थिति में सुधार होगा। जाम से भी मुक्ति मिलेगी और बाजार की रौनक भी बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि जब लोगों को मंडी में दुकानें मिली हुई हैं तो बाहर रेहड़ी या फड़ी लगाने की जरूरत नहीं है। किसी व्यक्ति को सब्जी या फल लेना होगा तो वह अंदर से भी ले जा सकता है। बाहर सड़क पर अतिक्रमण लगाने की जरूरत ही नहीं है। अतिक्रमण करना खुली सड़क के साथ-साथ बाजार की सुंदरता पर ग्रहण लगाने के समान है।
कार्रवाई के नाम पर खानापूर्ति
टी स्टॉल संचालक ईशपाल ने कहा कि शहर के लगभग सभी बाजारों में अतिक्रमण का बुरा हाल है। अधिकारियों की कार्रवाई भी केवल खानापूर्ति तक सिमट चुकी है। कुरुक्षेत्र के मेन बाजार के अलावा छोटा बाजार सहित झांसा रोड पर भी अतिक्रमणकारियों का बोलबाला है। कोई अतिक्रमण हटता भी है तो थोड़ी देर बाद फिर वही हाल। कोई पुख्ता इंतजाम नहीं हैं प्रशासन के। जिला प्रशासन और नगर परिषद अधिकारियों को बाजारों से लगते रास्तों को खोलने के लिए अतिक्रमण को हटाना ही चाहिए। इसके अलावा बाजार में चार पहिया वाहनों की एंट्री पर प्रतिबंध लगना चाहिए।
अतिक्रमण हटाने का हो पक्का प्रबंध
शास्त्री मार्केट के दुकानदार रामकुमार ने कहा कि अधिकांश दुकानदार सड़क पर काफी आगे तक सामान रख देता है, जिसके चलते वाहन चालक कई बार असंतुलित होकर चोटग्रस्त भी हो जाते हैं तो कई बार बाइक की भी लाइटें आदि टूट जाती हैं। ऐसा नहीं है कि सभी दुकानदार अतिक्रमण करते हैं, लेकिन कुछ प्रभावशाली लोगों को अतिक्रमण करता देख अधिकांश ने ऐसा ही करना शुरू कर दिया है, जोकि सही नहीं है। इसमें प्रशासन की लापरवाही भी साफ तौर पर दिखती है। यदि सही मायने में अतिक्रमण को हटाना है तो इसका पक्का प्रबंध किया जाए ताकि अगली बार कोई अतिक्रमण करने की सोचे भी नहीं। दुकानदारों द्वारा किए गए अवैध कब्जों को भी हटाना चाहिए। अतिक्रमण और अवैध कब्जों के कारण रास्ता संकरा होने से बाजार पर भी असर पड़ता है।
जाम के बने रहते हालात, दुकानदारी भी प्रभावित
दुकानदार सज्जन कुमार ने बताया कि पुरानी सब्जी मंडी वाली सड़क पर आमतौर पर जाम के ही हालात बने रहते हैं। इसके चलते दुकानदारी भी प्रभावित होती है। उन्होंने कहा कि यहां जाम की समस्या के अलावा गंदगी का भी आलम है। हालांकि प्रशासन ने पहले भी कई बार अभियान चलाए, लेकिन उनका लंबे समय तक असर नहीं दिखा। जिला प्रशासन और नगर परिषद के अधिकारियों को चाहिए यहां से सड़क को खुलवाया जाए ताकि बाजार की छोटे रास्तों से होकर गुजरने वालों को यहां से आने-जाने में सुविधा हो सके।
हर व्यक्ति समझे जिम्मेदारी : कर्मचंद
नगर परिषद के सेनेटरी इंस्पेक्टर कर्मचंद ने कहा कि हर व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए। प्रशासन का सहयोग करने से शहर की स्वच्छ छवि बनेगी। उन्होंने कहा कि दो दिन पहले शहर में अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया था। विभिन्न स्थानों पर दुकानदारों को अतिक्रमण न करने की सख्त हिदायत दी गई थी। जो मेन बाजार के साथ पुरानी सब्जी मंडी में जो रेहड़ी-फड़ी वाले हैं, इनको भी टाइट करके आए थे। अब अगली बार इनपर सख्ती दिखाई जाएगी। सड़क पर लगाए गए इनके तख्त, बेंच को उठाकर कब्जे में लिया जाएगा। इसके अलावा पालिका बाजार, कच्चा घेर, शास्त्री मार्केट, छोटा बाजार आदि के दुकानदारों को भी अतिक्रमण का दोषी पाए जाने पर बख्शा नहीं जाएगा। सेनेटरी इंस्पेक्टर का कहना है कि अतिक्रमण तथा जाम की समस्या से निपटने के लिए ट्रैफिक एसएचओ को साथ लेकर प्रभावी ढंग से अभियान चलाया जाएगा। सप्ताह में दो दिन सुनिश्चित करके अवैध कब्जाधारियों एवं गलत तरीके से वाहन ले जाने वालों के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा।