कुरुक्षेत्र। 100 पीएचडी से भी ज्यादा शोध का विषय पवित्र ग्रंथ गीता में समाहित है। इस ग्रंथ में ही पूरे संसार की समस्याओं का समाधान है। हर मानव के लिए उपयुक्त ग्रंथ है। इसके साथ ही प्रसिद्ध कवि डॉ. कुमार विश्वास ने अपने चिर-परिचित अंदाज में दर्शकों को तालियां बजाने पर मजबूर कर दिया।
इस पांडाल में हर व्यक्ति कुमार विश्वास की कविताओं और विचारों को सुनने के लिए पहुंचा। कुमार विश्वास अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में सोमवार देर सायं कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड और हरियाणा कला परिषद की तरफ से आयोजित सांस्कृतिक संध्या में पहुंचे थे। स्वामी ज्ञानानंद, बाबा भूपेंद्र सिंह, अयोध्या श्रीराम मंदिर के चंपत राय, पूर्व राज्यमंत्री सुभाष सुधा समेत अन्य ने विधिवत रूप से सांस्कृतिक संध्या का शुभारंभ किया।
डॉ. कुमार विश्वास ने जैसे ही मंच पर अपनी प्रस्तुती दी तो, हजारों दर्शकों ने खड़े होकर उनका स्वागत किया। उन्होंने गीता को सबसे महान, पवित्र और सभी धर्मों का ग्रंथ बताया। उन्होंने युवाओं को गीता के उपदेशों को अपने जीवन में धारण करने का संदेश भी दिया। कवि रमेश मुस्कान, कविता तिवारी, सुदीप भोला और दिनेश बावरा ने वर्तमान दौर और समय पर व्यंग्य कसते हुए देश के इतिहास, शिक्षा और संस्कारों और वीर जवानों की गाथाओं को सबके समक्ष रखा।