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Kurukshetra News: हर साल 100 से ज्यादा लोग टीबी से गवां रहे जान

Sun, 07 Dec 2025 02:50 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
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मुनीश मुंडे
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कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र में टीबी ( क्षय रोग ) के बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विभाग की चिंताओं को और गहरा कर दिया है। सरकार ने साल 2025 में कुरुक्षेत्र को टीबी मुक्त जिला बनाने का लक्ष्य रखा था। जिले को टीबी मुक्त बनाने के प्रयास हो रहे हैं, लेकिन हर साल हजार से भी ज्यादा नए मरीज सामने आने से लक्ष्य चुनौती पूर्ण होता जा रहा है।
सबसे चिंताजनक यह है कि टीबी से होने वाली मौतों का आंकड़ा लगातार बढ़ रहा है, हर साल 100 से अधिक लोग बीमारी की भेंट चढ़ रहे हैं। 2025 में अब तक जांचे गए 2176 लोगों में से 1951 मरीज टीबी से संक्रमित पाए गए, जो कि बेहद बड़ा अनुपात है। वहीं वर्ष 2024 में 2496 लोगों की जांच हुई, जिनमें 2387 मामलों में टीबी की पुष्टि हुई थी। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि टीबी का संक्रमण जिले में कितना तेजी से फैल रहा है। वर्ष 2023 में 2221 लोगों की जांच में 1164 मरीज संक्रमित पाए गए थे, जो यह बताता है कि तीन साल में संक्रमण दर में दोगुने से भी अधिक वृद्धि हुई है।
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इस साल अभी तक टीबी से 74 लोग अपनी जान गवां चुके हैं। साल 2024 में 139 वहीं साल 2023 में 122 लोगों की जान गई। उधर स्वास्थ्य विभाग टीबी रोगियों की पहचान, उपचार और निगरानी के लिए विशेष अभियान चला रहा है। मोबाइल स्क्रीनिंग वैन, घर- घर सर्वे, पौष्टिक आहार वितरण और दवा समय पर उपलब्ध कराने जैसे कदम उठाए जा रहे हैं।
देश का पहला टीबी मुक्त जिला बनाने के थे दावे : अप्रैल माह में ही जिला प्रशासन की ओर से दावा किया गया था कि, जिला के 136 गांवों को टीबी मुक्त बनाया जा चुका है और शेष 267 गांव को टीबी मुक्त बनाने के लिए रोडमैप तैयार कर लिया गया है। प्रशासन की ओर से उस समय टीबी मुक्त होने पर 24 ग्राम पंचायतों को सम्मानित भी किया गया था तो वहीं देश का पहला टीबी मुक्त जिला वर्ष 2025 में ही बना लिए जाने के दावे भी किए गए थे।
ये है टीबी के सामान्य लक्षण : विशेषज्ञ के मुताबिक लगातार खांसी होना, बलगम में खून आना, खासकर शाम के समय या रात में बुखार बढ़ना, बिना किसी मेहनत या गर्मी के अत्यधिक पसीना आना, भूख न लगने और शरीर कमजोर होने से तेजी से वजन गिरना, हल्के काम में भी कमजोरी महसूस होना, सांस लेते समय दर्द होना या लगातार भारीपन महसूस होना टीबी का सामान्य लक्ष्य है।
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जांच को रोजाना पहुंच रहे 120 मरीज : टीबी केंद्र व जिला अस्पताल में चेस्ट एंड टीबी रोग विभाग की ओपीडी में सामान्य दिनों में 40 से 50 मरीज रोजाना पहुंचते हैं। वहीं सप्ताहभर से ओपीडी में 100 से 120 मरीज अस्पताल में इलाज कराने पहुंच रहे हैं। संवाद
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