कुरुक्षेत्र। मौसम में बदलाव के साथ वायरल बुखार ने बच्चों को अपनी चपेट में लेना शुरू कर दिया है। अस्पताल की ओपीडी में रोजाना 100 से अधिक बुखार, खांसी और जुकाम से पीड़ित मरीज पहुंच रहे हैं। बच्चों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है। बाल रोग विभाग में फिलहाल 26 बच्चे दाखिल हैं, जबकि बढ़ते मरीजों को देखते हुए अस्पताल में अतिरिक्त बेड लगाए गए हैं। बुखार के साथ डायरिया की शिकायत वाले बच्चों के लिए भी अलग से बेड की व्यवस्था की गई है। पिछले एक सप्ताह से ओपीडी में नौनिहालों की भीड़ बनी हुई है।
वायरल बुखार के बढ़ते मामलों को देखते हुए भी बाल रोग विभाग सतर्क है। एहतियात के तौर पर मरीजों की डेंगू, मलेरिया और स्वाइन फ्लू की जांच भी कराई जा रही है। चिकित्सकों ने संबंधित स्टाफ को भी सावधानी बरतने की सलाह दी है। डॉ. विकास ने कहा कि फिलहाल किसी में भी इसके लक्षण नहीं मिले है लेकिन हमने इसको लेकर भी सतर्कता बरतनी शुरु कर दी है।
बुखार में पानी और ओआरएस देते रहें
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. विकास मौदगिल ने बताया कि वायरल बुखार चल रहा है। बच्चों को पर्याप्त मात्रा में पानी और ओआरएस देते रहना चाहिए, क्योंकि शरीर में पानी की कमी की समस्या भी इसकी एक मुख्य कारण है। उन्होंने बताया कि इस बार बुखार पहले के मुकाबले कुछ अलग तरह का है। खासकर बच्चों में रात के समय बुखार आता है, फिर ठीक होने के बाद दोबारा तेज हो जाता है। सामान्य तौर पर पांच से सात दिन में ठीक होने वाला बुखार अब सात से 14 दिन तक चल रहा है। मौसम में बदलाव को इसका कारण है।