संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस पर जन संघर्ष मंच व मनरेगा मजदूर यूनियन की ओर से मई दिवस के शहीदों की याद में मिर्जापुर, सलपानी, ज्योतिसर, लोहारमाजरा, खानपुर रोडान, विश्वकर्मा कालोनी में सभाएं की गई। इस दौरान शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित कर उन्हें याद किया गया।
गांव मिर्जापुर में मंच की प्रांतीय महासचिव सुदेश कुमारी ,जिला उपाध्यक्ष उषा कुमारी, मनरेगा मजदूर यूनियन के प्रांतीय प्रधान नरेश कुमार ,जिला प्रधान मेवाराम ने मजदूरों को संबोधित करते हुए कहा कि मजदूरों ने 1 मई 1886 को अमेरिका के शिकागो शहर में 8 घंटे कार्य दिवस की मांग को लेकर संघर्ष शुरू किया, मजदूरों के इस शांतिपूर्ण संघर्ष को तोड़ने के लिए उद्योगपति और पूंजीपतियों ने षड्यंत्र करके आंदोलनरत मजदूरों पर गोलियां चला कर कई मजदूरों को मौत के घाट उतार दिया था और 4 मई को एक बम आंदोलनकारियों के बीच में फोड़ दिया था और जिससे एक पुलिसकर्मी मर गया था, जिसकी आड़ लेकर पुलिस ने मजदूरों पर अंधाधुंध गोलियां बरसाई और कई मजदूर मारे गए।
कई मजदूर नेताओं को झूठे केस में फंसा कर फांसी की सजाएं दी गई उसके बाद यह आंदोलन सारी दुनिया में फैल गया था और अंत में मजदूरों की जीत हुई थी। सन 1889 से 1 मई दुनिया भर में अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के रूप में मनाया जाता है।
मंच महासचिव सुदेश कुमार ने मजदूरों से आह्वान किया कि हम मई दिवस के अवसर पर संघर्ष करने का संकल्प लें, जिससे हम सरकार को मजबूर कर सकें कि वह मजदूर विरोधी चारों श्रम कोड रद्द करे, जनविरोधी कृषि कानून रद्द करे, सारे हेल्थ सेक्टर का राष्ट्रीयकरण करे, पर्याप्त संख्या में डॉक्टर मेडिकल स्टाफ पैरामेडिकल स्टाफ भर्ती करे, पर्याप्त मात्रा में दवाइयां बेड ऑक्सीजन की आपूर्ति वेंटिलेटर आईसीयू आदि मुफ्त उपलब्ध कराए, ठेकेदारी प्रथा बंद कर कर्मचारियों की स्थाई भर्ती करे और काम के घंटे कम करे। इस अवसर पर मंच सदस्य शिल्पी ने भी अपनी बात रखी। सभा में मामो देवी, रोशनी, ज्ञानो देवी, बिशनी, कुंती देवी, दुलारी, कुसुम, सुषमा, रीना मौजूद रहीं।