शाहाबाद। मीरी-पीरी मेडिकल संस्थान। फाइल
शाहाबाद। मीरी-पीरी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च सेंटर के चिकित्सकों व अन्य कर्मचारियों को 27 जुलाई को भी वेतन नहीं मिल पाया। हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी (एचएसजीएमसी) ने वेतन जारी करने का एलान किया था। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा 26 जुलाई को चिकित्सकों के बोर्ड पर लगाए गए स्टे को इसका कारण माना जा रहा है।
एचएसजीएमसी ने 26 जुलाई को संस्थान का प्रबंधन संभाला था। उन्होंने जून माह का करीब 1 करोड़ 36 लाख रुपये का वेतन 27 जुलाई को जारी करने की घोषणा की थी। लेकिन 27 जुलाई देर शाम तक भी वेतन जारी नहीं हो सका। एचएसजीएमसी को अब हाईकोर्ट के स्टे से संबंधित विस्तृत आदेश मिलने का इंतजार है। एचएसजीएमसी प्रधान जगदीश सिंह झिंडा ने बताया कि आदेश मिलते ही कानूनी स्थिति स्पष्ट होगी। इसके तुरंत बाद वेतन जारी करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
कर्मचारियों की नाराजगी
कर्मचारी संघर्ष समिति में इस स्थिति को लेकर चिंता व नाराजगी है। समिति के मुख्य सलाहकार विपिन भाटिया, अरविंद टिक्को, जीबी सिंह, प्रधान प्रितपाल सिंह और सचिव तरसेम सिंह ने आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि एसजीपीसी और ट्रस्टियों की कार्यशैली से कर्मचारियों को परेशानी हो रही है। एसजीपीसी के प्रबंधन काल का दो माह का बकाया वेतन भी अभी तक नहीं मिला है। समिति ने मांग की कि प्रशासनिक विवाद का खामियाजा कर्मचारियों को न भुगतना पड़े। उन्होंने तत्काल वेतन समाधान न होने पर अगले आंदोलन की रणनीति बनाने की चेतावनी दी।