केयू में ईसी की बैठक के दौरान पास हुई आउटसोर्सिंग टेंडर की फाइल मिनट्स में उलझ गई है। हालांकि टेंडर फाइल का संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों तथा विभागीय कार्यालयों में आवागमन जरूर हो रहा है। सूत्रों के अनुसार टेंडर फाइल को रजिस्ट्रार ऑफिस के माध्यम से संबंधित ईसी मेंबरों को भेज दिया गया है।
बताया जा रहा है कि यदि प्रोसीडिंग में कोई खामी होती है तो संबंधित मेंबर ऑब्जेक्शन करके अपनी राय दे सकते हैं। प्रोसीडिंग के बाद फाइल एक बार फिर रजिस्ट्रार ऑफिस आएगी। टेंडर को लेकर भविष्य में किसी प्रकार का विवाद न हो, इसलिए यूनिवर्सिटी प्रशासन फूंक-फूंक कर कदम रख रहा है। ईसी में पास होने के बाद भी टेंडर अभी तक जारी न हो पाना इसका सीधा उदाहरण है।
ये होती है मिनट्स
टेंडर के अंतिम पड़ाव में जो प्रोसीडिंग तैयार होगी, उसी के अनुसार आगामी रिपोर्ट बनेगी। इसी रिपोर्ट के आधार पर ही टेंडर फाइनल करने का फैसला लिया जाना सुनिश्चित किया गया है। ईसी में पास होने के बाद प्रोसीडिंग से अंतिम रिपोर्ट तक की प्रक्रिया को मिनट्स की संज्ञा दी गई है।
अभी नहीं बनी कमेटी
हाल ही में हुई ईसी की बैठक में यूनिवर्सिटी प्रशासन की ओर से आउटसोर्सिंग की फाइल को पास कर दिया गया था, लेकिन मिनट्स में पास करने की बात रखी गई। इसके अलावा आउटसोर्सिंग के तहत रखे जाने वाले कर्मचारियों की शिक्षा तथा अन्य जरूरी तथ्यों की जांच करने और क्राईटेरिया संबंधी अंतिम फैसला लेने वाली कमेटी बनाने का भी निर्णय लिया गया।
लेकिन, सूत्रों का कहना है कि अभी ऐसी कोई कमेटी नहीं बनी है। बताया जा रहा है कि अगले कुछ दिनों तक कमेटी पर विचार बन सकता है। केयू रजिस्ट्रार डॉ. प्रवीण सैनी ने बताया कि प्रोसीडिंग रिपोर्ट वीसी से मार्क होने के बाद रजिस्ट्रार के पास आई है, जोकि उन्होंने संबंधित मेंबरों को भेज दी है। जल्द ही प्रक्रिया पूरी करके टेंडर जारी कर दिए जाएंगे।