लाडवा। आमजन की समस्याओं को सुनने और उनके निवारण के लिए मुख्यमंत्री नायब सैनी वीरवार को शिवाला रामकुंडी पहुंचे। उनके साथ जनसंवाद में विभिन्न विभागों के अधिकारियों का अमला भी शामिल हुआ। खास बात ये रही कि इसमें सम्मिलित होने आए अधिकारी और कर्मचारी इलेक्ट्रिक बसों से आए। इसका उद्देश्य सरकार के आह्वान पर प्रशासन को सहयोग देते हुए तेल बचाओ अभियान को बढ़ावा देने का रहा।
प्रशासनिक अधिकारी कुरुक्षेत्र से इलेक्ट्रिक बसों में पहुंचे। अभियान के समर्थन में अधिकारियों ने ईंधन पर चलने वाले निजी और सरकारी वाहनों का 50 फीसदी कम इस्तेमाल किया। उपायुक्त विश्राम मीणा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नायब सैनी ने देश-प्रदेश को आत्मनिर्भर और ऊर्जा-सुरक्षित बनाने का जो संकल्प लिया है, उसमें हर नागरिक की भागीदारी जरूरी है। संकल्प में प्रशासन ने भागीदारी को 50 फीसदी अधिकारियों को इलेक्ट्रिक बसों के माध्यम से कार्यक्रम में पहुंचाया और वापस भी इलेक्ट्रिक बसों से ही गए। कार्यक्रम में केवल उन्हीं विभागों को गाड़ी की अनुमति दी गई, जिनका गाड़ी में आना अति आवश्यक समझा गया।
डीसी के अनुसार प्रशासन के इस कदम से ईंधन बचत के साथ वायु प्रदूषण कम करने में भी मदद मिली। स्वच्छ वातावरण की जरूरत है। प्रयास करके युवाओं और आमजन को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की प्रेरणा दी गई। इससे पहले डीसी स्वयं भी साइकिल से सचिवालय पहुंचे थे और कार्यालय का काम पूरा करने के बाद वापस घर जाने के लिए भी साइकिल का इस्तेमाल किया।