कुरुक्षेत्र। हरियाणा प्राइमरी टीचर एसोसिएशन से संबद्ध ऑल इंडिया प्राइमरी टीचर फेडरेशन की जिला कार्यकारिणी की बैठक कुरुक्षेत्र में हुई। बैठक में जिला प्रधान राजपाल कालड़ा के नेतृत्व में टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (टीईटी) की अनिवार्यता समाप्त करने की मांग के लिए उपायुक्त व जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी के माध्यम से प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया।
जिला प्रधान कालड़ा ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने 1 सितंबर के आदेश में कहा है कि कक्षा एक से आठ तक पढ़ाने वाले शिक्षकों को नौकरी में बने रहने के लिए दो साल के भीतर टीईटी पास करना जरूरी होगा। एनसीटीई की गाइडलाइन के अनुसार यह नियम केवल वर्ष 2011 के बाद नियुक्त शिक्षकों पर लागू था लेकिन अब कोर्ट ने सभी शिक्षकों पर इसे अनिवार्य कर दिया है। आदेश के अनुसार केवल पांच वर्ष से कम सेवा वाले शिक्षकों को छूट दी जाएगी और योग्य न होने पर शिक्षकों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी जाएगी।
जिला महासचिव राजेश सेन और थानेसर अध्यक्ष महावीर भारद्वाज ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद न केवल नौकरी बल्कि पदोन्नति के लिए भी टीईटी पास करना आवश्यक होगा। इससे हजारों शिक्षकों में असुरक्षा की स्थिति पैदा हो गई है। एसोसिएशन ने सरकार से अपील की है कि राइट टू एजुकेशन एक्ट 2009 की धारा 23 (2) को 23 अगस्त 2010 से प्रतिस्थापित किया जाए ताकि शिक्षकों को राहत मिल सके। इस मौके पर जिला प्रेस प्रवक्ता जयकुमार, मुख्य सलाहकार राजेश मंगल, उपप्रधान अमरजीत फोगाट, राज्य सचिव राजेंद्र सैनी सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।