कुरुक्षेत्र। हथीरा गांव की महक रोजाना करीब 15 किलोमीटर साइकिल चलाकर मुक्केबाजी सिखने के लिए पहुंचती हैं। मध्यम वर्गीय परिवार से आने वाली महक के पिता किसान हैं, जो खेती के सहारे गुजर बसर करते हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद महक ने अपनी मेहनत और लगन के दम पर आज मुक्केबाजी में पहचान बनाई है।
महक ने साल 2022 में मुक्केबाजी की शुरुआत की, तब उसे सामाजिक सोच के साथ-साथ रोजाना लंबी दूरी तय कर प्रशिक्षण लेने की कठिनाई का सामना करना पड़ा। वह रोज सुबह और शाम दो-दो घंटे कड़ा अभ्यास करती है। महक ने साल 2022 में विद्यालय स्तर राज्य प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीता, 2025 में जूनियर स्टेट प्रतियोगिता में रजत पदक और साल 2026 में यूथ स्टेट चैंपियनशिप में रजत पदक जीतकर अपना, गांव का नाम ऊंचा किया है।
अकादमी के संस्थापक राजेश कुमार ने बताया कि वह बेहद मेहनती, अनुशासित और समर्पित खिलाड़ी हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है, जरूरत है तो सही मार्गदर्शन और सहयोग की। महक जैसी खिलाड़ी अगर निरंतर मेहनत करती रही तो वह जल्द ही राष्ट्रीय स्तर पर भी प्रदेश का नाम रोशन करेगी।
मनोज बॉक्सर जैसी बनना है : महक
महक ने बताया कि उसका लक्ष्य बॉक्सिंग में एक महान खिलाड़ी बनना है, जैसे मनोज सर का बॉक्सिंग में नाम है। उनकी अकादमी से कई बड़े खिलाड़ी निकले हैं, ठीक वैसे ही मुझे भी उन जैसा नाम कमाना है।