फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जो हो गया उसे छोड़ो, जो नहीं हुआ उसे बताओ

Mon, 01 Aug 2016 01:00 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, कुरूक्षेत्र
विज्ञापन
अधिकारियों से योजनाओं के बारे में जानकारी लेते सीएम। - फोटो : Amar Ujala
विज्ञापन
जो पूरा हो चुका है उसे छोड़ो, जो नहीं हुआ वह बताओ। अधिकारियों की बैठक में मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने सीधी बात कही तो अधिकारी सहम गए। सीएम ने कहा एक वर्ष से ज्यादा हो गया घोषणाएं किए हुए, अभी तक कागजों में ही उलझी है योजनाएं। पंचायत भवन के हॉल में हुई मीटिंग में सीएम ने सरकारी प्रोजेक्ट्स की जानकारी ली।  
विज्ञापन


रविवार को हुई इस बैठक में घोषणाओं के तहत किए जाने वाले विकास कार्यों और परियोजनाओं की समीक्षा की। सबसे पहले एडीसी राजेश जोगपाल ने अपने अंदर आने वाले कामों का ब्योरा देना शुरू किया, लेकिन सीएम ने उन्हें रोक दिया। सीएम ने कहा कि जो कार्य हो चुका है, उसे बताने की जरूरत नहीं, जो नहीं हुए वो बताएं। यह सुनकर अधिकारी भी सहम गए। इसके बाद मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग को निशाने पर लिया। उन्होंने पूछा कि बाबैन में पीएचसी को सीएचसी का दर्जा देने की योजना का क्या हुआ? लेकिन अधिकारियों के हाव भाव देखकर सीएम ने बात आगे बढ़ा दी।

उन्होंने बचकी से मांडी सड़क निर्माण, कुरुक्षेत्र में राजकीय कन्या महाविद्यालय, नर्सिंग कॉलेज, पशु विज्ञान कॉलेज, पीपली स्थित गीता द्वार से थर्ड गेट तक सड़क सौंदर्यीकरण सहित अन्य परियोजनाएं सिरे न चढ़ पाने पर अधिकारियों की क्लास लगाई। उन्होंने कहा कि घोषणाओं को पूरा करने के लिए हर माह मुख्यालय के साथ पत्र व्यवहार करना चाहिए और उपायुक्त को चंडीगढ़ में संबंधित अधिकारियों के पीछे पड़कर घोषणाओं को पूरा करवाना चाहिए। इस मौके पर राज्यमंत्री कृष्ण कुमार बेदी, थानेसर के विधायक सुभाष सुधा, लाडवा के विधायक डॉ. पवन सैनी, उपायुक्त राजनारायण कौशिक, पुलिस अधीक्षक सिमरदीप सिंह, जिला परिषद चेयरमैन गुरदयाल सुनहेड़ी, एडीसी राजेश जोगपाल आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन


स्वर्ण जयंती खेल स्टेडियम सहित कई सौगात मिली
मुख्यमंत्री ने थानेसर के विधायक सुभाष सुधा की मांगों पर मुहर लगाते हुए थानेसर में तीसरा नया प्रशासनिक ब्लॉक बनाने के लिए 20 करोड़ रुपये, द्रोणाचार्य स्टेडियम के सुधारीकरण के लिए 50 लाख रुपये, कुरुक्षेत्र शहर को बीएसएनएल से वाई-फाई करने, स्वर्ण जयंती खेल सुविधा परिसर बनाने, जिसमें खेल संबंधी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इनमें जिम, इंडोर हाल, प्रशिक्षक कक्ष, ड्रेसिंग रूम, प्लेयर डाटा सेंटर, ऑडियो-विजुअल सेंटर, खिलाड़ियों के हॉस्टल, रेस्ट हाउस,  कार्यालय, स्पोर्ट्स न्यूट्रिशियन सेंटर, स्पोर्ट्स एनर्जी सेंटर आदि घोषणाएं की।

गीता जयंती समारोह पर होंगे बड़े आयोजन
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि राज्य सरकार की तरफ से कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड की 48 कोस की परिधि के कुरुक्षेत्र, करनाल, कैथल, जींद, पानीपत  के 134 तीर्थ स्थलों पर अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती समारोह के दौरान बड़े कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इतना ही नहीं पर्यटन की दृष्टि से इन तमाम तीर्थों को विकसित करने के लिए एक टूरिस्ट पैकेज तैयार किया जाएगा। इन  सभी स्थलों पर संग्रहालय, लाइब्रेरी, जैसे प्रोजेक्ट स्थापित किए जाएंगे।     

मोबाइल शौचालय की व्यवस्था करने के निर्देश
सीएम ने अधिकारियों से मिली फीडबैक पर संज्ञान लेते हुए सेक्टरों और अस्पतालों में काम करने वाले मजदूरों को खुले से शौच करने से रोकने के लिए नगर पालिकाओं के बिल्डिंग सेस के फंड से प्रदेश में 2 से 10 मोबाइल शौचालय की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। इनके लिए शर्तें रखी जाएंगी और जो व्यक्ति नियमों का उल्लंघन करेगा, उसे जुर्माना भी भरना होगा।

कब्जे रोकने के लिए होगा सेटेलाइट सर्वे
पंचायती जमीनों पर हो रहे कब्जों को रोकने और सार्वजनिक जमीन को बचाने के लिए एमएलआरएम सॉफ्टवेयर का प्रयोग करके सेटेलाइट के माध्यम से प्रदेश का सर्वे करवाया जाएगा। इससे प्रदेश के सभी लोगों का डाटा तैयार किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में बच्चे, युवा, बुजुर्ग के जन्म और मृत्यु को आधार से लिंक करके पूरा डाटा एसआरडीवी सॉफ्टवेयर के माध्यम से तैयार किया जाएगा। राज्य सरकार की तरफ से गांव स्तर पर व्यायामशालाओं में योग शिक्षक व  प्रशिक्षक नियुक्त किए जाएंगे। इससे पहले एक्स सर्विस मैन और सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारियों की सेवाएं भी इन व्यायामशालाओं के लिए ली जाएंगी।

पीएनडीटी एक्ट का मामला स्थानीय पुलिस थानों में दर्ज करने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने सीएमओ डॉ. एसके नैन की ओर से यूपी पुलिस थाने में पीएनडीटी एक्ट के मामलों पर रखी गई समस्या पर संज्ञान लेते हुए कहा कि पुलिस अधीक्षक यूपी में लिंग जांच करने के बाद पकड़े जाने पर स्थानीय पुलिस थाने में  पीएनडीटी एक्ट के तहत मामला दर्ज करे और बाद में एफआईआर को संबंधित प्रदेश के थाने में हस्तांतरित करना सुनिश्चित करे। मुख्यमंत्री ने कहा कि  प्रदेश की सीमाओं से लगते राज्यों के मुख्यमंत्रियों को इस संदर्भ में पत्र भी लिखा जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें