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Kurukshetra News: चिकित्सा विशेषज्ञों ने साझा किए अनुभव

Sun, 21 Sep 2025 02:59 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुरुक्षेत्र
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कुरुक्षेत्र। श्री कृष्ण आयुष विश्वविद्यालय के शालाक्य तंत्र विभाग द्वारा आयोजित साप्ताहिक सतत चिकित्सा शिक्षा (सीएमई) कार्यक्रम का शनिवार को समापन हो गया।
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कुलपति प्रो. वैद्य करतार सिंह धीमान ने कहा कि इस सीएमई में देशभर से आए विशेषज्ञों और वैद्यों ने अपने अनुभव साझा किए। प्रतिभागियों को इस कार्यक्रम से जो ज्ञान और सीख मिली है, उसे न केवल अपने अध्यापन में बल्कि चिकित्सा प्रैक्टिस में भी लागू करना चाहिए। यही वास्तविक सफलता है और तभी समाज को इसका लाभ मिलेगा।
उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम चिकित्सकों के लिए मार्गदर्शक की भूमिका निभाते हैं। ज्ञान का आदान-प्रदान और अनुभवों का साझा होना आयुर्वेद और आधुनिक चिकित्सा के समन्वय को मजबूत करता है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को निरंतर सीखने और उसे व्यवहार में लाने की प्रेरणा दी। इस अवसर पर डीन एकेडमिक अफेयर्स प्रो.जितेश कुमार पंडा, आयुर्वेद अध्ययन एवं अनुसंधान संस्थान के प्राचार्य प्रो. आशीष कुमार मेहता, शालाक्य तंत्र विभाग की चेयरपर्सन प्रो.आशु, प्रो.मनोज कुमार तंवर, प्रो. दीप्ति पराशर, एसोसिएट प्रो.नेहा लांबा, डॉ.प्रेरणा शर्मा, डॉ.जोरावर सिंह बुरा समेत अन्य शिक्षक व विद्यार्थी मौजूद रहे। कॉर्निया डिजीज और ट्रांसप्लांट पर व्याख्यान : पुणे से आए नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ.राजेश कुमार ने कॉर्निया डिजीज और ट्रांसप्लांट पर व्याख्यान देते हुए कहा कि कॉर्निया में धुंधलापन, चोट या संक्रमण होने पर दृष्टि प्रभावित होती है। बैक्टीरिया, वायरस, फंगस या लंबे समय तक गंदे लेंस पहनने से भी संक्रमण हो सकता है। उन्होंने लाल आंख, दर्द, धुंधला दिखाई देना, रोशनी से परेशानी और अचानक दृष्टि कम होना कॉर्नियल रोगों के लक्षण बताए। डॉ.कुमार ने बताया कि जब दवाओं से इलाज संभव न हो तो कॉर्नियल ट्रांसप्लांट ही समाधान है। संवाद
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