कुरुक्षेत्र। दीपावली पर्व के लिए बाजार में खूब चहल पहल रही, जिसके चलते लोगों ने जमकर खरीदारी की। ग्राहकों की भीड़ को देखकर दुकानदारों के चेहरों पर भी रौनक बनी रही। घरों को सजाने के लिए जहां महिलाओं ने कई सजावटी सामानों की खरीदारी की तो वहीं फूलों को खरीदने में भी काफी दिलचस्पी दिखाई। महिलाएं ने पूजा के लिए कमल, गुलाब, गेंदे के फूल को खरीदने में रुचि ज्यादा ली। कमल के फूल की मांग ज्यादा होने के चलते मूल्यों में भी असर दिखाई दिया। आम दिनों में 50 रुपये मिलने वाला कमल का फूल 100 रुपये तक जा पहुंचा।
मिट्टी से बने सामानों को भी ग्राहकों ने खूब पसंद किया। मिट्टी से बने दीये जहां ग्राहकों के लिए आकर्षण का केंद्र बने रहे तो वहीं कुछ ग्राहकों ने मोमबत्तियां भी खरीदी। देश की मिट्टी से बनी मूर्तियां भी ग्राहकों की पहली पसंद बन गईं। बाजार में गणेश, लक्ष्मी व कुबेर की मूर्तियों की काफी मांग रही, जिससे मूर्तिकारों की भी चांदी बनी रही। बाजार में 30 रुपये से लेकर 400 रुपये तक मिट्टी की मूर्तियां मौजूद थी। मिठाइयों की दुकानों पर भी ग्राहकों की भीड़ उमड़ी रही। ग्राहक मिठाइयां खरीदते नजर आए। हालांकि बाजार में कई तरह के उपहार भी मौजूद थे, जिन्हें खरीदने में भी लोगों ने काफी रुचि दिखाई।
कमल के फूल की मांग ज्यादा : राकेश गुप्ता
राकेश गुप्ता का कहना है कि लक्ष्मी पूजन के चलते कमल के फूलों व घरों को सजाने के लिए गेंदे के फूलों की काफी मांग की जा रही है। कमल के फूल की मांग ज्यादा होने के कारण रेट भी 50 से 100 रुपये तक पहुंच गए है। दिल्ली व कलकत्ता की मंडी से कमल व अन्य फूल मंगाए जा रहे है। इस बार फूलों की मांग ज्यादा होने से बेहतर कारोबार रहा। हालांकि अब बाजार में कई तरह के आर्टिफिशियल फूल मौजूद हैं लेकिन फिर भी ग्राहक ताजे फूलों को भी महत्व दे रहे हैं।
कमल के फूल से प्रसन्न होती है मां लक्ष्मी : नीलम रानी
नीलम रानी का कहना है कि आर्टिफिशियल फूल के बजाय मंदिर में प्राकृतिक फूलों का ही प्रयोग करना चाहिए। मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए कमल का फूल काफी शुभ माना गया है। दीपावली के पूजन के दौरान मां लक्ष्मी को कमल का फूल अर्पित करने की काफी पुरानी परंपरा है। मान्यता है कि कमल का फूल मां लक्ष्मी को काफी प्रिय है।