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जाम हुई मंडी, अब मुख्यमंत्री दरबार में पहुंचेगा मामला

Sat, 16 Apr 2016 12:57 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/कुरुक्षेत्र
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कुरुक्षेत्र। .. दुकान के बाहर ट्रक आकर रुकता है और चालक की ओर से ही एक उंगली उठा दी जाती है। जिससे आढ़ति समझ जाते है कि आज नजराने में कितनी बढ़ोतरी हुई है। पिछले कई दिनों से यह सिलसिला कथित रुप से चल रहा है और शुक्रवार को उठाई जा रही उंगलियों की संख्या 6 तक पहुंच गई। जिससे स्पष्ट है
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कि नजराना 6 रुपए तक पहुंच गया है। आढ़तियों की मानें तो थानेसर अनाज मंडी में ही कथित तौर पर नजराने का यह खेल अब तक कुल 15-20 लाख को पार चुका है जबकि जिला भर में पूरे सीजन के दौरान यह कारोबार करोड़ों रुपए तक पहुंच जाने की आशंका लगाई जा रही है।
यह भी नहीं कि यह काला कारोबार अब पिछले दरवाजे से चल रहा हो, मामला मार्केट कमेटी अधिकारियों से लेकर डीसी व संबंधित एजेंसियों के उच्चाधिकारियों के पास भी पहुंचा, लेकिन आढ़तियों की मानें तो यह अवैध कारोबार रुकने की बजाए बढ़ता ही जा रहा है। आढ़तियों ने इस संबंध में खुद अनेकों अधिकारियों को शिकायत भी की है,
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लेकिन किसी भी अधिकारी ने इस पर लगाम लगाने के लिए जहमत नहीं उठाई है। इसके बावजूद अधिकारी स्पष्ट दावा कर रहे है कि नजराने की बातें निराधार है और लिखित में आज तक कोई भी शिकायत उनके पास नहीं आई है तो वहीं अनेकों आढ़तियों ने अब मामला मुख्यमंत्री के पास पहुंचाने का निर्णय लिया है।
उनका कहना है कि जो आढ़ति उठाई गई उंगली अनुसार नजराना देने को तैयार हो जाता है, वहीं से गेहूं का उठान भी हो जाता है। यह नजराने का ही खेल है कि अनाज मंडी से उठान न के बराबर हो रहा है और अनाज मंडी उठान न होने से जाम हो चुकी है। मंडी में सड़कें भी जब गेेहूं से भर गई तो किसानों को अब गेहूं डालने के लिए ही जगह नहीं मिल पा रही है। ऐसे हालात में किसानों से लेकर आढ़तियों में भी गहरा रोष बना हुआ है।

करेंगे काले कारोबार का भंडाफोड़
कथित तौर पर लिए जा रहे नजराने का विरोध करने मार्केट कमेटी सचिव जिले सिंह के आढ़ति रोहताश शर्मा व रामपाल शर्मा पहुंचे। जहां उन्होंने उनके साथ जमकर बहस भी कि और मांग की कि इस अवैध कारोबार पर लगाम लगाई जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि दो दिनों से यह कारोबार खुले तौर पर किया जा रहा है।
जिसका वह भंडाफोड़ करेंगे। इसके लिए वह मुख्यमंत्री दरबार पहुंचेंगे और पूरे मामले से अवगत करवाया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि यह सब सभी संबधित अधिकारियों की मिलीभगत से हो रहा है, लेकिन अब वह इसे सहन नहीं करेंगे। हालात यह बने हुए है कि डीसी तक भी जब समाधान नहीं हुआ तो उन्होंने एक एजेंसी के एमडी से भी बातचीत की, लेकिन उनसे भी कौरा आश्वासन ही मिला।
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नजराना लिया तो लाइसेंस करेंगे रद्द, दिया तो करेंगे मंडी से बाहर : घनश्याम सिंह
डीएफएससी घनश्याम सिंह ने बताया कि उनके पास कोई शिकायत लिखित में नहीं आई है। अगर शिकायत आई और वह सही पाई गई तो नजराना लेने वाली एजेंसी का लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा तो वहीं नजराना देने वाले आढ़ती को भी मंडी से बाहर कर दिया जाएगा। इस पर वह कड़ी निगाह लगाए हुए है।
उधर उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि पिहोवा मंडी में जहां कुछ लोग अपनी निजी गाड़ियों को बिना अनुमति उठान के लिए लगा रहे थे तो वहीं नजराना लिए जाने की भी बात थी। अब इन दोनों पर ही रोक लगा दी गई है तो चेतावनी भी दे दी गई है।
 
आवक तेज बता अधिकारियों ने खड़े कर लिए हाथ
मंडी में गेहूं उठान को लेकर जिन अधिकारियों पर उम्मीद लगाई जा रही है, उन्होंने ही हाथ खड़े कर दिए है। एसडीएम सतबीर कुंडू का कहना है कि उन्होंने डीएफएससी को निर्देश दे दिए है तो वहीं डीएफएससी घनश्याम सिंह ने बताया कि तीन दिनों से मंडियों में आवक तेज हो गई है, जिससे उठान की समस्या पैदा हो गई है। लेकिन सभी एजेंसियों को जल्द उठान के निर्देश दे दिए गए है। चावल में लगी ट्रांासपोर्ट को भी हटाकर गेहूं के उठान में लगा दिया गया है, जिससे जल्द ही उठान हो जाएगा। 

डीएफएससी व वेयरहाउस कार्पोरेशन को लिखा पत्र
अनाज मंडी उठान न होने से जाम हो जाने पर मार्केट कमेटी सचिव जिले सिंह ने शुक्रवार को फिर डीएफएससी व हरियाणा वेयर हाउस कार्पोरेशन को गेहूं उठान में तेजी लाए जाने की मांग की है। पत्र में उन्होंने बताया कि किसानों के लिए गेहूं डालने की भी जगह नहीं बची है, समस्या गंभीर हो चुकी है। बता दें कि बुधवार को एसडीएम को भी यही गुहार लगाई गई थी, जिसके बाद भी कोई असर दिखाई नहीं दिया।
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