कुरुक्षेत्र। ब्रह्मसरोवर की पार्किग में बनाई अस्थाई अनाज मंडी।
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कुरुक्षेत्र। धान की आवक तेज होने से मंडियां भर गई हैं। अधिक धान आने के कारण मंडियां जाम होने से अधिकारी ही नहीं बल्कि आढ़ती भी किसानों से आवक में तेजी न दिखाने की गुहार लगा रहे हैं। ऐसे छह अक्तूबर से फिर बारिश होने की संभावना जताई जा रही है। इसको देखते हुए किसानों ने धान कटाई कार्य भी तेज कर दिया है। इसके चलते मंडियों में भी धान की आवक भी बढ़ गई है। थानेसर मंडी में तो हालत यह है कि यहां ट्रैक्टर-ट्राली तक नहीं जा पा रही हैं। धान बाहर डाला जाने लगा। ब्रह्मसरोवर के आसपास ही आठ जगहों पर अस्थाई मंडियां लगानी पड़ी।
बुधवार को जहां जिला की गई मंडियों में महज उठान कार्य ही किया गया तो थानेसर सहित कई मंडियों में खरीद कार्य भी जारी रखा गया। उधर पूरा प्रशासन अब मंडियों से धान उठान के कार्य में तेजी लाने के दावे कर रहा है। कई मंडियों में स्थितियां इससे उलट हैं। कुरुक्षेत्र की मंडियों व खरीद केंद्रों में मंगलवार तक खरीद एजेंसियों ने दो लाख 68 हजार 211 मीट्रिक टन धान की खरीद की जा चुकी है। अब तक 36305 किसानों की धान की फसल की खरीद की जा चुकी है, जिसमें से फूड एंड सप्लाई विभाग द्वारा 27299 किसानों और हैफेड द्वारा 9006 किसानों की धान की फसल खरीदी गई है।
उपायुक्त शांतनु शर्मा ने बताया कि जिले में खरीद केंद्रों पर धान की खरीद का कार्य एक अक्तूबर से शुरू कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि अधिकारियों व एसडीएम को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपनी-अपनी मंडियों में मौके पर जाकर प्रशासन द्वारा दी जा रही सुविधाओं का मूल्यांकन करें। फील्ड में जाकर किसानों, व्यापारियों की समस्याओं को सुनें और उनका मौके पर समाधान करने का प्रयास करें। इसके साथ-साथ सभी डयूटी मजिस्ट्रेट मंडियों में कानून एवं व्यवस्था पर भी नजर रखे।
किसान जाम के हालात को समझे : हरजीत
थानेसर अनाजमंडी सचिव हरजीत सिंह का कहना है कि मंडी आवक तेज होने के चलते मंडी जाम हो चुकी है। ऐसे में किसानों को धैर्य रखने की जरूरत है। उठान कार्य में तेजी लाई गई है और जल्द ही मंडी में सुचारु कार्य हो जाएगा। किसान मंडियों के हालात समझते ही धान लेकर पहुंचे और प्रशासन का सहयोग करें।