कुरुक्षेत्र। अमीन रोड स्थित पटियाला बैंक कॉलोनी के मनोकामना सिद्ध श्री शिव मंदिर के वार्षिकोत्सव के उपलक्ष्य में करवाई जा रही श्री शिव महापुराण कथा में भक्ति प्रवचन सुनाए गए। कथाव्यास आचार्य रमेश उनियाल (हरिद्वार) ने पार्थिव शिवलिंग महात्म्य भजनों सहित सुनाया। पुजारी पंडित उमेश पाठक ने सुबह यजमानों से शिव पूजन कराया। उन्होंने कहा कि शिवलिंग बनाकर पूजा करने से एकाग्रता बढ़ती है।
व्यासपीठ से आचार्य रमेश उनियाल ने पार्थिव शिवलिंग महात्म्य सुनाते हुए कहा कि सनातन धर्म में मिट्टी (पार्थिव) शिवलिंग का निर्माण और पूजा करना अत्यंत फलदायी माना गया है। यह मानसिक शांति, शारीरिक आरोग्य, धन-धान्य, संतान सुख और अकाल मृत्यु के भय से मुक्ति प्रदान करता है। स्व-निर्मित शिवलिंग की पूजा से शिव की विशेष कृपा और आध्यात्मिक जागृति प्राप्त होती है, जो सुखद जीवन के लिए आवश्यक है। मान्यता है कि पार्थिव शिवलिंग का निर्माण और पूजन सुमेरु पर्वत के समान बड़े पापों को भी नष्ट कर देता है। सावन या विशेष दिनों में मिट्टी का शिवलिंग बनाकर पूजा करने से अकाल मृत्यु का भय समाप्त हो जाता है।
आर्थिक तंगी से छुटकारा पाने और परिवार में सुख, शांति व समृद्धि के लिए पार्थिव शिवलिंग की पूजा अचूक उपाय है। निःसंतान दंपती संतान प्राप्ति के लिए और रोगी आरोग्य पाने के लिए इस पूजा को करते हैं। स्वयं शिवलिंग बनाकर पूजा करने से एकाग्रता बढ़ती है और मानसिक तनाव से मुक्ति मिलती है। यह पूजा महादेव को अत्यंत प्रिय है जिससे भक्त की हर मनोकामना पूरी होती है। पार्थिव शिवलिंग के लिए पवित्र नदी, तालाब या बेल के पेड़ की मिट्टी का उपयोग करना सबसे उत्तम माना जाता है। उसमें फूल, चंदन, गाय का दूध, घी, गुड़, मक्खन और भस्म मिलाकर शिवलिंग बनाया जाता है और पूर्व या उत्तर दिशा की ओर मुख करके पूजा की जाती है।
इस अवसर पर मुख्य यजमान विनोद सिंगला, बीएन शर्मा, सुनील, विशेष, राहुल, अशोक, दर्शन पुरी, महिंदर खन्ना, आचार्य द्वारिका प्रसाद मिश्र, सौरभ शास्त्री, उज्ज्वल शर्मा और सौर्यांश तिवारी सहित अन्य श्रद्धालु शामिल रहे।