संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। वेद-विद्या शोध संस्थान के सहयोग में एक फरवरी से 12 फरवरी तक चतुर्वेद पारायण महायज्ञ का आयोजन किया जाएगा। ये कार्यक्रम ब्रह्मसरोवर के योग भवन में आयोजित किया जाएगा।
कार्यक्रम संयोजक आर्य समाज के विद्वान सन्यासी व अंतरराष्ट्रीय प्रचारक स्वामी संपूर्णानंद सरस्वती ने बताया कि 2023 की तरह इस वर्ष भी योग भवन में चारों वेदों का यज्ञ जोकि सूर्याेदय की पहली किरण से शुरू होगा और सूर्यास्त की अंतिम किरण तक प्रतिदिन चलेगा। स्वामी संपूर्णानंद ने ये जानकारी बुधवार को पत्रकार वार्ता में दी।
उन्होंने कहा कि 12 दिवसीय आयोजन महर्षि दयानंद सरस्वती की 200वीं जन्म जयंती वर्ष समारोह के समापन, आर्य समाज के स्थापना के 150 वर्ष पूरे होने व अमर ग्रंथ सत्यार्थ प्रकाश के 150 वर्ष पूरे होने को लेकर इस कार्यक्रम आयोजन किया जा रहा है।
कार्यक्रम में पूरे देश से ही नहीं बल्कि विदेशों से भी आर्य जगत के प्रसिद्ध विद्वान और राजनीति से जुड़े लोग और सन्यासी व सनातन धर्म से जुड़े लोग भाग लेकर यज्ञ में आहुतियां देंगे। कार्यक्रम को लेकर लोगों में उत्साह बना हुआ है।
उन्होंने कहा कि महर्षि दयानंद और स्वामी श्रद्धानंद को भी भारत रत्न से नवाजा जाना चाहिए। इस मौके पर जिला परिषद के वाइस चेयरमैन डीपी चौधरी, चौधरी अजमेर सिंह, आर्य दिलबाग लाठर, नरेंद्र आर्य, संजू खेड़ी रामनगर, धर्मबीर सहित अन्य सदस्य मौजूद रहे।
लोगों के लिए भोजन व आवास की रहेगी व्यवस्था : स्वामी संपूर्णानंद ने बताया कि आयोजन समिति की ओर से दूर-दराज से आने वाले लोगों के लिए भोजन व आवास की व्यवस्था की गई है। कार्यक्रम का मुख्य लक्ष्य लोगों को वेदों के रास्ते पर चलने का आह्वान करते हुए महर्षि दयानंद सरस्वती के चिंतन, उनके विचारों और उनके कार्यों को पूरी दुनिया तक पहुंचाना है।