कुरुक्षेत्र। महाराणा प्रताप की जयंती पर मूर्ति के पास एकत्र हुए राजपूत समाज के लोग। स्वयं
कुरुक्षेत्र। वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप जयंती के अवसर पर क्षत्रिय सभा भवन राजपूत धर्मशाला में कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में राजपूत समाज, सामाजिक संगठनों और युवाओं ने बड़ी संख्या में भाग लिया। पूरे आयोजन के दौरान देशभक्ति, वीरता और सामाजिक एकता का संदेश देखने को मिला।
क्षत्रिय संघर्ष समिति के संयोजक मोहन सिंह राणा ने कहा कि महाराणा प्रताप केवल राजपूत समाज ही नहीं बल्कि पूरे राष्ट्र के गौरव हैं। उनका जीवन स्वाभिमान, त्याग, राष्ट्रभक्ति और संघर्ष का प्रतीक है जिससे हर पीढ़ी को प्रेरणा लेनी चाहिए।
वहीं मुख्य अतिथि संत हरिदास ने कहा कि महाराणा प्रताप ने मातृभूमि और स्वाभिमान की रक्षा के लिए पूरा जीवन संघर्ष में बिताया। विपरीत परिस्थितियों में भी उन्होंने कभी मुगल सत्ता के सामने झुकना स्वीकार नहीं किया। उनका जीवन त्याग, पराक्रम और आत्मसम्मान का सर्वोच्च उदाहरण है। उन्होंने युवाओं से महाराणा प्रताप के आदर्शों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के बाद महाराणा प्रताप स्टूडेंट एसोसिएशन के सैकड़ों युवाओं और समाज के लोग महाराणा प्रताप चौक पर पहुंचे जहां समाज के लोगों और युवाओं ने महाराणा प्रताप अमर रहे के नारे लगाएं।