कुरुक्षेत्र।कथा के दौरान श्रद्धालु के साथ कथावाचक अनिल शास्त्री। स्वयंं
कुरुक्षेत्र। हरियाणा बैरागी सभा की ओर से आयोजित सेक्टर-8 में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में कथावाचक अनिल शास्त्री ने कहा कि भगवान विष्णु ने सतयुग में अपना पांचवां अवतार वामन का लिया था। भगवान वामन ऋषि कश्यप और उनकी पत्नी अदिति के पुत्र थे।
उन्होंने बताया कि भागवत कथा सुनने वाला मनुष्य सब पापों से मुक्त हो जाता है। समय-समय पर भागवत कथा का ज्ञान मनुष्य को मिलते रहना चाहिए। इससे हमारा समाज सदमार्ग के रास्ते पर चलेगा। कथावाचक अनिल शास्त्री ने कहा कि भागवत कथा के अनुसार, राजा बली ने इंद्र का देवलोक हड़प लिया था।
इंद्र को देवलोक पर अधिकार दिलाने के लिए भगवान विष्णु ने वामन अवतार लिया। भगवान वामन एक बौने ब्राह्मण के वेश में विरोचन के पुत्र और प्रहलाद के पौत्र बली के पास गए। भगवान वामन ने बली से अपने रहने के लिए तीन पग भूमि मांगी। असुरों के गुरु शुक्राचार्य ने बली को चेताया कि वह ऐसा न करें, लेकिन बली ने भगवान वामन को तीन पग भूमि देने का वचन दे दिया।
इसके बाद भगवान वामन ने अपना विशाल स्वरूप धारण कर लिया। पहले पग में पूरा भूलोक (पृथ्वी) और दूसरे में देवलोक नाप लिया। तीसरे कदम के लिए कोई भूमि नहीं बची, तो बली ने तीसरे पग के लिए अपना सिर सामने कर दिया। भगवान वामन बली की वचनबद्धता से प्रसन्न हुए, उन्होंने उसे पाताल लोक देने का निश्चय किया।
कुरुक्षेत्र।कथा के दौरान श्रद्धालु के साथ कथावाचक अनिल शास्त्री। स्वयंं