लाडवा। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि भगवान श्री कृष्ण ने धरती पर आकर मानव जाति को गायों की सेवा करने का संदेश दिया था और भगवान श्री कृष्ण ने स्वयं गायों को माता मानते हुए सेवा की। उन्होंने उपस्थित लोगों से स्वयं भी एक-एक गाय को पालने की अपील की।
मुख्यमंत्री ने शनिवार देर शाम को श्री कृष्ण जन्माष्टमी पर श्री कृष्ण गोशाला समिति में आयोजित कार्यक्रम में शिरकत की। मुख्यमंत्री ने श्री कृष्ण गोशाला समिति लाडवा में गायों की पूजा-अर्चना की और गायों को गुड व चारा खिलाया। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने श्री कृष्णा गोशाला समिति लाडवा को पांच लाख रुपये देने की घोषणा भी की।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सरकार प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दे रही है। प्राकृतिक खेती करने के लिए किसानों को देशी गाय रखनी होंगी। इसके लिए सरकार की ओर से सब्सिडी का प्रावधान किया गया है। प्राकृतिक खेती करने से किसानों की आय में बढ़ोतरी होगी। साथ ही सभी पोषक तत्वों युक्त पौष्टिक फसल का उत्पादन होगा जिससे नागरिकों के स्वास्थ्य में सुधार बना रहेगा।
इस मौके पर श्री कृष्णा सोसाइटी लाडवा के प्रधान अजय सिंगला, संचालक देशराज मंगला, कोषाध्यक्ष कंवर सिंघल, अनाज मंडी के प्रधान राजीव आर्य, सतपाल, पवन गोयल, मुकेश गोयल, राजकुमार सैनी, पवन गोयल, अमन गोयल, अरविंद सिंघल, संजीव मंगला, तिलक राज गुप्ता, सुभाष कंबोज, संजीव कुमार सैनी, डॉ. गणेश दत्त सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने वामन द्वादशी मेला समिति को 21 लाख रुपये देने की घोषणा की
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि लाडवा की इस पवित्र भूमि पर, जहां महाभारत की स्मृतियां आज भी गूंजती हैं, श्री कृष्ण के जन्मोत्सव का यह आयोजन वास्तव में अद्भुत और प्रेरणादायक है। भगवान श्रीकृष्ण हम सबके आराध्य हैं। उन्होंने जहां अपना बचपन वृंदावन, मथुरा और आसपास के क्षेत्रों में बिताया, वहीं हरियाणा की पावन धरती भी उनके चरणों से पवित्र हुई थी। मुख्यमंत्री ने यहां बावमन द्वादशी मेला समिति की ओर से आयोजित कार्यक्रम में 21 लाख रुपये देने की भी घोषणा की।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा की धरती भाग्यशाली है, जिसके कण-कण में महाभारत की गाथाएं, गीता का उपदेश और श्रीकृष्ण की लीलाएं बसी हुई हैं। कुरुक्षेत्र में अर्जुन के रथ पर खड़े होकर भगवान श्रीकृष्ण ने मानवमात्र को गीता का अमर संदेश दिया। यह आज भी सत्य और कर्तव्य के पथ पर चलने की प्रेरणा देता है।