संवाद न्यूज एजेंसी
कुरुक्षेत्र। राजकीय कन्या महाविद्यालय पलवल में मनोविज्ञान विषय परिषद ने विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस पर भाषण का आयोजन किया। मुख्य वक्ता चेयरपर्सन यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मैनेजमेंट प्रो. निर्मला चौधरी ने इंपॉर्टेंस ऑफ मेंटल हेल्थ अवेयरनेस एंड वेलनेस फॉर कॉलेज स्टूडेंट विषय पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि अकेलापन एक जेल के समान है। किसी भी मानसिक समस्या से निजात पाने के लिए विद्यार्थियों में शेयरिंग हैबिट का होना अति आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि हमें संज्ञानात्मक, भावात्मक रूप से मजबूत होना अति आवश्यक है। विभागाध्यक्ष डॉ. पूनम बागी ने विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस 2022 के थीम ’सभी के लिए मानसिक स्वास्थ्य और कल्याण को वैश्विक प्राथमिकता बनाना’ पर कहा कि कोविड-19 महामारी का मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा प्रभाव पड़ा है। इसके कारण बहुत से लोगों का मानसिक स्वास्थ्य कमजोर हुआ है।
उन्होंने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य के प्रति उतनी ही जानकारी होना आवश्यक है, जितनी कि शारीरिक स्वास्थ्य की जानकारी होना। उन्होंने बताया कि मनोविज्ञान विषय परिषद की ओर से समय-समय पर मानसिक स्वास्थ्य से संबंधित जागरूकता अभियान चलाया जाता है, जिसमें छात्राओं व स्टाफ सदस्यों को मानसिक स्वास्थ्य के लिए जागरूक किया जाता है।
इसी कड़ी में मनोविज्ञान विभाग की ओर से छात्राओं के स्ट्रेस ,डिप्रेशन, एंजायटी लेवल का भी सर्वे किया जा रहा है जिसका उद्देश्य प्रभावित छात्राओं को मानसिक रूप से स्वस्थ रखना व उन्हें आवश्यक सहायता प्रदान करना है। कार्यवाहक प्राचार्य डॉ. मीनाक्षी ने मनोविज्ञान विभाग को कार्यक्रम के सफल आयोजन पर बधाई दी। आयोजन में महाविद्यालय की 89 छात्राओं ने भाग लिया। इस अवसर पर विरेंद्र कौर, डॉ. श्रेष्ठा मुराल व स्टाफ मौजूद रहा।