कुरुक्षेत्र। पुरुषोत्तम मास के अवसर पर शांति एन्क्लेव, झांसा रोड में श्री गो गीता गायत्री सत्संग सेवा समिति के तत्वावधान में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में कथावाचक अनिल शास्त्री ने कहा कि श्रीमद्भागवत महापुराण भक्ति, ज्ञान और वैराग्य का ग्रंथ है। कथा श्रवण से मानव को धर्म और ज्ञान की प्राप्ति होती है।
उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण की महिमा सबसे न्यारी है। इसलिए हमें सच्चे भाव से कथा सुननी चाहिए। श्रीमद्भागवत कथा सुनने से मानव को धर्म ज्ञान मिलता है और उसे पता चलता है कि वास्तव में हमारे जन्म का उद्देश्य सिर्फ संसार की अप्राकृतिक चीजों का सुख प्राप्त करना मात्र नहीं है। धर्म श्रवण के बिना मानव का जीवन व्यर्थ हो जाता है। कलाकारों ने भगवान कृष्ण के भजनों की प्रस्तुति दी। आचार्य रंगनाथ शास्त्री ने पूजन संपन्न करवाया। भागवत कथा का जीवन में वही महत्व है जो शरीर में आत्मा का होता है। सच्चे भाव से कथा सुनने से मनुष्य के कष्ट दूर होते हैं। मुख्य आयोजक शांति देवी मढांन, महावीर मढांन, संतोष मढांन और धर्मवीर मढांन ने परिवार सहित भागवत पूजन किया।