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Kurukshetra News: शहर में दो सप्ताह तक चलेगा कुष्ठ रोग उन्मूलन अभियान

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कुरुक्षेत्र। शहर में कुष्ठ रोगियों की पहचान के लिए स्वास्थ्य विभाग हर घर में दस्तक देगा। सोमवार से विभाग ने राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम (एनएलईपी) के तहत कुष्ठ रोग खोज अभियान (एलसीडीसी) शुरू कर दिया। यह अभियान 26 मई तक जारी रहेगा, जिसके लिए विभाग ने 65 टीमों का गठन किया है। यह टीम शहर में कुष्ठ रोग के लक्षणों के बारे में जानकारी देगी और विभाग तक रिपोर्ट पहुंचाएंगी। इसमें एक आशा व एक पुरुष कार्यकर्ता को शामिल किया गया है।
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विभाग के अनुसार अभी जिले में केवल थानेसर में ही पांच कुष्ठ रोगी उपचार ले रहे हैं। सभी रोगी अन्य प्रदेश से आकर थानेसर में रह रहे हैं। यह सभी रोगी शहर में अलग-अलग जगह पर वास कर रहे हैं। जिले का पिहोवा, लाडवा, शाहाबाद और इस्माईलाबाद कुष्ठ रोग मुक्त है। इसके लिए अलावा जिले में कोई रोगी दिव्यांग नहीं हुआ है। बता दें पहली स्थिति में कुष्ठ रोगी के शरीर पर त्वचा से अलग हल्के, गहरे या लाल रंग के धब्बे हो जाते हैं। शरीर पर पांच धब्बे हो तो रोगी का उपचार छह से नौ महीने तक चलता है। अगर धब्बे छह या ज्यादा हो तो उपचार में डेढ़ साल का समय लग सकता है। इन धब्बों में खुजली नहीं होती, बल्कि सुन्न अथवा संवेदनहीन होते हैं, मगर समय पर इलाज न हो तो स्थिति गंभीर होने पर हाथ-पांव में विकलांगता आ सकती है।
कुष्ठ की दूसरी स्थिति ज्यादा खतरनाक है, जिसमें शरीर की नसें मोटी होकर फूलने लगती है। इस स्थिति में रोगी की नसों में गांठ पड़ जाती है, जिसमें बेहद ज्यादा दर्द होता है। इस स्थिति में उपचार न मिलने पर विकलांगता आने की संभावना ज्यादा है, क्योंकि नसों पर प्रभाव पड़ने पर अंग सुन्न होने लगते हैं। इन दोनों स्थिति में रोगी को उपचार में देरी नहीं करनी चाहिए।
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चार साल के दौरान मिले रोगी
साल पुराने रोगी नए रोगी कुल
2020-21 02- -03- -05
2021-22 0402- -06
2022-23- -04- -04- -08
2023-24 -04-(एक ठीक हुआ)02- -05



दो सप्ताह तक चलेगा अभियान : डॉ. अग्रवाल
जिला कुष्ठ रोग नोडल अधिकारी डॉ. संदीप अग्रवाल ने बताया कि सोमवार से दो सप्ताह 26 मई तक शहरी क्षेत्र में कुष्ठ रोग उन्मूलन अभियान शुरू हो चुका है। इसमें 65 टीमें घर-घर जाकर जांच करेगी। यह टीमें शहर में प्रतिदिन 30 घरों में जाकर कुष्ठ रोग की जांच करेगी। संदिग्ध का सैंपल लिया जाएगा, जिसका सैंपल जांच के लिए जिला अस्पताल में भेजा जाएगा। पुष्टि होने पर रोगी का इलाज शुरू होगा।
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